लौह तत्व अर्थात आयरन हमारे शरीर के लिए जरूरी मिनरल में से एक है। लौह तत्व की कमी होने पर आपका शरीर कई तरह की बीमारियों से प्रभावित हो सकता है। इससे शरीर के कई अंगों पर असर पड़ता है। लौह तत्व की कमी से हीमोग्लोबिन कम होने लगता है और खून की कमी हो जाती है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने और सही फ्लो बनाए रखने के लिए लौह तत्व जरूरी है। अगर लौह तत्व की ज्यादा कमी हो जाए तो एनीमिया जैसी बीमारियां हो जाती हैं। इससे आपको बहुत थकान और कमजोरी महसूस होती है। गर्भाधान के दौरान शरीर में लौह तत्व की काफी कमी हो जाती है। गर्भावस्था में शिशु के सही विकास के लिए भी लौह तत्व जरूरी है। अगर शरीर में लंबे समय तक लौह तत्व की कमी रहती है तो इससे आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
लौह तत्व की कमी से थकान, सिरदर्द, चक्कर आने लगते हैं। इससे सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी होने लगती है। शरीर में लौह तत्व की मात्रा कम होने पर बाल झड़ने लगते हैं। स्वभाव में चिड़चिड़ापन और त्वचा का रंग फीका पड़ने लगता है। लौह तत्व कम होने पर त्वचा रूखी और नाखूनों का रंग सफेद होने लगता है। सीने में दर्द और धड़कने तेज होने लगती हैं। कई बार लौह तत्व की कमी से हाथ पैर ठंडे पड़ जाते हैं। कुछ मामलों में लौह तत्व की कमी होने पर सोचने की क्षमता पर भी असर पड़ता है।
लौह तत्व के मुख्य स्रोत
लौह तत्व के शाकाहारी स्रोत- शाकाहारी लोग लौह तत्व की कमी होने पर लौकी, कद्दू के बीज, शिमला मिर्च, हरी पत्तेदार सब्जी, पालक, आलू, चुकंदर, अनार, बीन्स और राजमा जैसी चीजें खा सकते हैं। आप खाने में किशमिश और दूसरे मेवा भी जरूर शामिल करें।
लौह तत्व के मांसाहारी स्रोत- मांसाहारी लोग लौह तत्व की कमी होने पर समुद्री भोजन जैसे मछली खा सकते हैं। इसके अलावा आप मांस, मुर्गा,बकरा और अंडा भी खा सकते हैं।



