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चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के चुनाव का किया ऐलान

– 8 फरवरी से 7 मार्च के बीच 7 चरणों में होंगे चुनाव, 10 मार्च को रिजल्ट घोषित किए जाएंगे
– रैली, रोड शो पर लगी रोक, सिर्फ वर्चुअल कैंपेन की होगी परमिशन
– सभी चुनाव अधिकारियों के लिए कोरोना की दोनों डोज जरूरी
– ऑनलाइन भी हो सकेगा नामांकन,अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू
– हर कार्यक्रम की होगी वीडियोग्राफी, 1620 पोलिंग स्टेशनों पर महिला कर्मचारी

नई दिल्ली, 9 जनवरी । लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल कहे जा रहे उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों के चुनाव का ऐलान निर्वाचन आयोग के द्वारा कर दिया गया है। 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में 7 चरणों मतदान होगा। इसके अलावा उत्तराखंड, गोवा और पंजाब में 14 फरवरी को एक ही राउंड में मतदान होना है। मणिपुर में दो चरणों में 27 फरवरी और 3 मार्च को वोटिंग होगी। वही उत्तर प्रदेश में पहले राउंड की वोटिंग 10 फरवरी को होगी और इसके बाद दूसरे चरण का मतदान 14 फरवरी को होना है। 20 फरवरी को तीसरे और 23 तारीख को चौथे राउंड की वोटिंग होगी। 27 फरवरी को 5वें, 3 मार्च को छठे और 7 मार्च को 7राउंड का मतदान होना है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि 10 मार्च को सभी 5 राज्यों के नतीजों का ऐलान किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने यूपी समेत सभी 5 राज्यों में वोटिंग का समय एक घंटा बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा सभी राज्यों में 15 जनवरी तक किसी भी तरह की रैली, रोड शो, बाइक रैली, नुक्कड़ सभाओं पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ वर्चुअल कैंपेन की ही अनुमति होगी। 15 जनवरी के बाद हालात की समीक्षा की जाएगी। यदि कोरोना नियंत्रण में होता है तो फिर कुछ छूट दी जा सकती हैं। चुनाव की समाप्ति के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस पर रोक होगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव के दौरान कोरोना नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि हमें महामारी से निकलने का यकीन रखना होगा। उन्होंने नियमों के बारे में बताते हुए एक शेर से शुरुआत की। चुनाव में तैनात सभी कर्मियों को वैक्सीन की दोनों डोज लगी होनी चाहिए। चुनाव आयुक्त ने कहा कि उत्तराखंड और गोवा में ज्यादातर लोगों को दोनों डोज लग चुकी हैं। यूपी में 90 फीसदी वयस्कों को कम से एक टीका लग चुका है। चुनाव आयोग ने कहा कि इलेक्शन के दौरान अवैध पैसे और शराब पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा कोरोना संकट को देखते हुए उम्मीदवारों को ऑनलाइन नामांकन की भी सुविधा दी जाएगी। चुनाव आचार संहिता इलेक्शन शेड्यूल जारी होने के बाद ही लागू हो जाएगी। चुनाव की अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और इसके चलते अब किसी भी राज्य में कोई सरकार जनता को लुभाने की घोषणाओं का ऐलान नहीं कर सकेगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक नियम की घोषणा करते हुए कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल आपराधिक छवि वाले कैंडिडेट को चुनता है तो उसके बारे में अखबारों में जानकारी देनी होगी। इसके अलावा यह भी बताना होगा कि उन्हें क्यों चुना गया है। उम्मीदवारों को भी अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मुकदमों के बारे में जानकारी होगी। अपने उम्मीदवार को जाने ऐप भी लॉन्च किया गया है। इसके जरिए लोग अपने उम्मीदवार के बारे में विस्तार से जान सकेंगे। मुख्य आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि सभी राज्यों में कुल 900 परीक्षक चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि सभी कार्यक्रमों कीवीडियोग्राफी कराई जाएगी। कोरोना काल में चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण है। यूपी समेत 5 राज्यों के चुनावों में 690 सीटों पर मतदान कराया जाना है। हमने सभी राज्यों के डीजीपी और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया है। कोरोना काल में भी चुनाव कराना हमारा कर्तव्य है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि 1620 पोलिंग स्टेशनों पर महिला कर्मचारी होंगी। सभी राज्यों के लिए मतदाता सूची 5 जनवरी को प्रकाशित हुई है। इसमें 24.9 लाख नए वोटर जोड़े गए हैं। पोलिंग स्टेशनों में 16 फीसदी का इजाफा हुआ है।

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