नई दिल्ली, 2 दिसंबर। कोरोना के ख़तरनाक वैरिएंट ओमिक्रॉन ने भारत में भी अपनी दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार दोपहर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि ओमिक्रॉन के दो केस कर्नाटक में मिले हैं। इसके साथ ही यह वैरिएंट अब तक 29 देशों में फैल चुका है। नए वैरिएंट्स पर विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन पर वैक्सीनेशन या पहले हुए कोरोना से पैदा होने वाली इम्यूनिटी का भी असर नहीं पड़ता।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि ओमिक्रॉन से जुड़े अभी तक किसी तरह के खास लक्षण सामने नहीं आए हैं, लेकिन इस वैरिएंट को सबसे पहले पहचानने वाली दक्षिण अफ्रीका की डॉ. एंजेलिक कोएट्जी के अनुसार, ओमिक्रॉन के “असामान्य, लेकिन हल्के” लक्षण देखे जा रहे हैं। डॉ. एंजेलिक का कहना है कि ओमिक्रॉन के लक्षण डेल्टा से अलग हैं। कोरोना के दूसरे वैरिएंट से इन्फेक्ट होने पर स्वाद और सूंघने की क्षमता पर असर पड़ता था, लेकिन ओमिक्रॉन के मरीजों में यह लक्षण नहीं देखा जा रहा है। साथ ही गले में खराश तो रहती है, लेकिन कफ की शिकायत देखने को नहीं मिल रही है।
देश में इसके पहले दो मरीज कर्नाटक में मिले हैं। इनमें एक की उम्र 46 और दूसरे की 66 साल है। बताया जा रहा है कि दोनों लोग विदेशी हैं। यह 11 और 20 नवंबर को बेंगलुरु आए थे। उनके संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी निगरानी की जा रही है।
देश में भी ओमिक्रॉन के दो मामले मिलने के बाद केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मीटिंग करेंगे। मीटिंग के दौरान सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार से शुरू की गई कोविड टेस्टिंग और सर्विलांस से जुड़े आदेशों का रिव्यू किया जाएगा।



