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कैनेडा में मिला 89 करोड़ साल पुराना जीवाश्म

ओटावा, 1 अगस्त। कैनेडा के पहाड़ों में कुछ ऐसे जीवाश्म मिले हैं जो ऐसे समुद्री स्पंज के पूर्वजों का रहस्य खोल सकते हैं जो करोड़ों साल पहले धरती पर रहे होंगे। कनाडा की एक रिसर्चर ने बताया है कि ये स्पंज नियोप्रोटेरोजोइक काल के हो सकते हैं। इनमें छोटे स्ट्रक्चर साफ-साफ देखे जा सकते हैं। इनकी तरह प्रजातियां आज भूमध्य सागर में देखी जा सकती हैं जिन्हें बाथ स्पंज या स्पंजिया ऑफिशिनालिस कहा जाता है।
अगर रिपोर्ट्स में इनकी पुष्टि होती है तो ये जानवरों के धरती पर सबसे पुराने जीवाश्म हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैनेडा की जियॉलजिस्ट एलिजाबेथ टर्नर का कहना है कि सबसे पहले स्पंज जैसे जीव ही विकसित हुए होंगे। ये आज भी और जीवाश्म के रिकॉर्ड में भी सबसे बेसिक होते हैं। धरती 4.5 अरब साल पहले बनी थी और लाखों साल बाद सबसे पहले बैक्टीरिया जैसे एक सेल वाले जलीय जीव पैदा हुए। इसके काफी समय बाद जटिल जीवन का विकास हुआ।
अभी तक पैनकेक के जैसे दिखने वाले डिकिनसोनिया नाम के जीव को सबसे पुराना जीवाश्म माना जाता है जो 57.5 करोड़ साल पहले का माना जाता है। टर्नर का कहना है कि अभी तक हमारे पास जो रिकॉर्ड हैं, जानवर उससे पहले विकसित हो गए थे। स्पंज पानी में रहते हैं और इनमें रीढ़ की हड्डी नहीं होती। ये समुद्र के तल से चिपके रहते हैं। इनका शरीर सॉफ्ट और छेद से भरा होता है। इनमें किसी भी तरह का नर्वस, डाइजेस्टिव या सर्कुलेटरी सिस्टम नहीं होता है। कुछ में स्पंजिन नाम का प्रोटीन होता है जो एक 3D ढांचा बनाता है। यही इसके टिशू को सपोर्ट करता है। कैनेडा में मिला जीवाश्म ऐसा ही है। इसमें छोटे-छोटे ट्यूब हैं जो एक नेटवर्क बनाते हैं। इस जीव के जीवाश्म के आधार पर अनुमान लगाया जाता है कि इसका आकार एक सेंटीमीटर के करीब रहा होगा और यह मूंगे में नीचे की ओर रहता होगा। अगर यह वाकई स्पंज का ही जीवाश्म है, तो यह धरती पर सबसे पुराना जानवर कहा जा सकेगा।

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