वाशिंगटन,30 जून। अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में भारत में कोविड-19 के विनाशकारी प्रभाव को देखते हुए एक प्रस्ताव पारित कर तत्काल सहायता देने के लिए बाइडन प्रशासन से आग्रह किया गया है। अमेरिका ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर की आपदा का सामना करने वाले भारत के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए यह कदम उठाया है। कांग्रेस की एक अहम समिति ने भारत की सहायता के लिए बुधवार को सर्वसम्मति से प्रस्ताव को पारित कर दिया और बाइडन प्रशासन से भारत को पहले के समान चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति करने का अनुरोध किया।
कांग्रेस में इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष ब्रैड शरमन और स्टीव चाबोट द्वारा पिछले माह पेश किए गए इस प्रस्ताव के पास 24 को-स्पॉन्सर थे। प्रस्ताव में महामारी की शुरुआत में भारत द्वारा अमेरिका को दी गई मदद का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कोरोना वैक्सीन उत्पादन में भारत की वैश्विक भूमिका काफी अहम है और उसने अभी तक कोविड-19 टीकों के संबंध में अन्य देशों की मदद करने की कोशिश की है।
कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए सामूहिक तौर पर काम करने के लिए प्रतिबद्धता जताते हुए सांसद शरमन ने कहा कि इस संकट की घड़ी में अमेरिका भारत के साथ है। अमेरिका को दुनिया भर में अपने सहयोगियों के साथ काम करना चाहिए ताकि हर जगह वायरस को खत्म किया जा सके।
गौरतलब है कि पिछले माह शरमन ने यूएसएड से अपील की थी कि वह भारत में अतिरिक्त चिकित्सा आपूर्ति तत्काल पहुंचाने के मकसद से उड़ानों के लिए अमेरिकी सेना को भी उपलब्ध कराए। इस पर अधिकारियों ने कॉकस के सदस्यों को बताया कि अमेरिका ने भारत को छह दिन में छह विमानों के जरिए मदद पहुंचाई है।



