156 Views

चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को अब विज्ञापन के जरिए देनी होगी आपराधिक रेकॉर्ड्स की जानकारी

मुंबई। दागी उम्मीदवारों को आगामी लोकसभा चुनाव लड़ते समय अपने आपराधिक रेकॉर्ड अखबारों और टीवी चैनलों के माध्यम से मतदाताओं को बताने होंगे। उन्हें सभी लंबित आपराधिक मामलों का ब्योरा बड़े अक्षरों में अखबारों छपवाना होगा। टीवी चैनलों में भी ऐसे मामलों की जानकारी विस्तार से देनी होगी। यहीं नहीं, ऐसे नेताओं को टिकट देने वाले राजनीतिक दलों को भी इस बारे में अपनी वेबसाइट पर विस्तार से बताना होगा। दरअसल यह कवायद देश की राजनीति से आपराधिक पृष्ठभूमि के नेताओं को दूर रखने के लिए है। इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय ने दिशानिर्देश जारी किए थे। अब चुनाव आयोग उनका सख्ती से पालन करने जा रहा है। इसलिए केंद्रीय चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर इस बारे में नए दिशानिर्देश दिए हैं। उप मुख्य चुनाव अधिकारी अनिल वलवी ने कहा कि राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव आयोग का नोटिस भेजा जा रहा है।
आपराधिक रेकॉर्ड वाले उम्मीदवार अभी तक चुनाव आयोग को शपथपत्र देकर काम चला लेते थे। इससे आम जनता को उन पर चल रहे मुकदमों की जानकारी नहीं मिलती थी। अब आयोग ने साफ कहा है कि केवल शपथपत्र से काम नहीं चलेगा। उन्हें केसों के बारे में आम जनता को सार्वजनिक तौर से बताना होगा। उम्मीदवारों को जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अपने चुनाव खर्च के साथ उन समाचार पत्रों की प्रतियां जमा करनी होंगी, जिनमें ये विज्ञापन प्रकाशित हुए थे। आपराधिक रेकॉर्ड वाले उम्मीदवारों को टिकट देने वाले राजनीतिक दलों पर भी चुनाव आयोग अंकुश लगाने जा रहा है। उन्हें भी अपने ऐसे उम्मीदवारों के आपराधिक रेकॉर्ड की जानकारी अपनी वेबसाइट पर देनी होगी। साथ ही, इस बारे में अखबारों में प्रकाशित कराना होगा और चैनलों पर भी प्रसारित कराना होगा। नामांकन के समय सी फॉर्म में भी यह सब बताना होगा। चुनाव के 30 दिन के अंदर यह तमाम जानकारी राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को देना अनिवार्य होगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top