अनादरो विलम्बश्च वै मुख्यम निष्ठुर वचनमधर्म / February 16, 2024 February 16, 2024 अनादरो विलम्बश्च वै मुख्यम निष्ठुर वचनम पश्चतपश्च पञ्चापि दानस्य दूषणानि च।। अर्थात:- अपमान करके दान देना, विलंब से देना, मुख फेर के देना, कठोर वचन बोलना और देने के बाद पश्चाताप करना- ये पांच क्रियाएं दान को दूषित कर देती हैं।