ओटावा। कैनेडा की कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पॉलीव्रे ने अराइवकैन ऐप पर ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट पर चर्चा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। रिपोर्ट में पाया गया कि सरकार ने ऐप पर ६० मिलियन डॉलर खर्च किए, जिसकी मूल लागत ८०,००० डॉलर आंकी गई थी। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि ऐप के लिए अनुबंध देते समय सरकार ने अपने स्वयं के खरीद दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया।
पॉलीव्रे ने इसे एक बड़ा स्कैम बताते हुए कहा कि रिपोर्ट से पता चलता है कि सरकार करदाताओं का पैसा बर्बाद कर रही है और अराइवकैन ऐप आवश्यक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पैसे का इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवा या बुनियादी ढांचे जैसी अन्य प्राथमिकताओं पर करना चाहिए था।
सरकार ने अराइवकैन ऐप पर खर्च का बचाव करते हुए कहा है कि कोविड-१९ महामारी के दौरान कैनेडियन लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा के लिए यह आवश्यक था। सरकार ने यह भी कहा है कि ऐप के लिए अनुबंध देते समय उसने अपने खरीद दिशानिर्देशों का पालन किया।
आपको बता दें कि अराइवकैन ऐप कैनेडा में प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों के लिए एक अनिवार्य ऐप है। ऐप यात्रियों को कैनेडा पहुंचने से पहले अपनी यात्रा और टीकाकरण की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा करने की अनुमति देता है। ऐप यात्रियों को उनकी क्वॉरेंटाइन आवश्यकताओं की निगरानी करने की भी अनुमति देता है।
अराइवकैन ऐप के यूजर फ्रेंडली ना होने और धीमी गति से लोड होने के कारण आलोचना की गई थी। यात्रियों से बहुत अधिक व्यक्तिगत डेटा एकत्र करने के लिए भी ऐप की आलोचना की गई है।
ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट में पाया गया कि ऐप की लागत $८०,००० के शुरुआती बजट से बढ़कर कम से कम $६० मिलियन हो गई, जो मूल अनुमान से ७५० गुना अधिक है। कथित तौर पर ऐप के कारण १०,००० कैनेडियन लोगों को गलती से क्वारंटाइन में जाना पड़ा, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर भी सवाल उठे।
ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट के बाद देश की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। विपक्षी पार्टियों इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बताते हुए लिबरल सरकार पर जमकर हमला बोल रही हैं । वहीं, सरकार पूरी तरह से बचाव की मुद्रा में नजर आ रही है। अब सरकार किस तरह से इस मामले को नियंत्रण में करती है यह देखने वाली बात होगी।



