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कैनेडा द्वारा भारत पर चुनाव में हस्तक्षेप का आरोप!

ओटावा। कैनेडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर खालिस्तान समर्थक आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाने के बाद तल्ख हुए रिश्ते अभी तक पटरी पर नहीं आ पाए हैं। इस बीच एक और विवाद खड़ा हो गया है। कैनेडा के संघीय चुनाव २०१९ और २०२१ में विदेशी हस्तक्षेप की जांच कर रहे आयोग ने कैनेडा की सरकार से भारत से संबंधित कई जानकारियां उपलब्ध कराने को कहा है।
बुधवार (२४ जनवरी) को एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए जांच आयोग ने कहा कि उसने कैनेडा सरकार के दस्तावेज़ संग्रह विभाग से अनुरोध किया है कि २०१९ और २०२१ के चुनावों से संबंधित भारत द्वारा कथित हस्तक्षेप से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध कराए जाएं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-कैनेडा संबंध इन आरोपों के कारण गंभीर तनाव में हैं। यह पूरा विवाद पिछले साल वैंकूवर में खाली स्थान समर्थक आतंकी नेता हरदीप निज्जर की हत्या से जुड़ा हुआ है। कैनेडा का आरोप है कि निज्जर की हत्या के तार भारत से जुड़े हैं। वहीं, भारत का कहना है कि कैनेडा ने अपने आरोपों के संबंध में किसी भी प्रकार का सबूत नहीं दिया है। इस विवाद के संदर्भ में कैनेडा ने भारतीय दूतावास अधिकारी को देश छोड़ने का आदेश दिया था। जिसके जवाब में पलटवार करते हुए भारत सरकार ने ४१ कैनेडियन राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया था। भारत सरकार का कहना था कि वे भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहे थे।
दरअसल न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जगमीत सिंह चाहते थे कि फेडरल चुनावों के नतीजों को प्रभावित करने में भारत की भूमिका की भी जांच की जाए। उन्होंने कहा था कि उन्होंने ट्रूडो को पत्र लिखकर भारत को उन देशों की सूची में शामिल करने के लिए कहा था जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
यह कमीशन चीन के अलावा रूस और ईरान की कथित संलिप्तता की भी जांच कर रहा है। आयोग ३ मई, २०२४ तक अंतरिम रिपोर्ट पूरी करेगा। बुधवार को दिए गए बयान में कहा गया कि कमीशन ३१ दिसंबर, २०२४ तक अपनी अंतिम रिपोर्ट देगा।

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