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शीतकालीन सत्र विपक्ष ने आर्थिक विकास को नकारा, सत्तापक्ष ने थपथपाई सरकार की पीठ

नई दिल्ली ,०६ दिसंबर । भारत के दुनिया में सबसे तेज गति से बढऩे के आंकड़ों को विपक्ष ने खारिज करते हुये राज्यसभा में कहा कि संपदा का निर्माण हो रहा है लेकिन इसका समान वितरण नहीं हो रहा है और महंगाई एवं बेरोजगारी से लोग बुरी तरह प्रभावित हैं जबकि सत्तापक्ष ने संपदा के समान वितरण होने का दावा किया।
कांग्रेस के पी चिदंबरम ने कहा कि दुनिया में भारत सबसे तेज गति से बढ़ रहा है लेकिन इसका असर सतही स्तर पर क्यों नहीं दिख रहा है। देश में सबसे अधिक विदेशी निवेश आ रहा है। अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ रही है। इसका असर महंगाई और बेरोजगारी पर क्यों नहीं दिख रहा है। भाजपा देश में हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने के अपने वादे पर चर्चा नहीं कर रही है। यह जुमला बन कर रह गया है।
भारतीय जनता पार्टी के सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अक्टूबर २०२३ में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की चालू वित्त वर्ष में वृद्धि ६.३ प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है जो विश्व में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि १९९१ में विदेशी मुद्रा भंडार एक अरब डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया था और आज यह ५०० अरब डॉलर से अधिक हो गया है।
उन्होंने आईएमएफ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुये कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों के बल पर डिजिटल परिवर्तन से भारत का एक नया स्वरूप उभरा है और यह दुनिया में अभी सबसे चमकता हुआ सितारा है। कभी हमारा यह कह कर मजाक बनाया जाता था कि दो प्रतिशत की विकास दर हिन्दू विकास दर है। लेकिन अब जब से भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आयी है तब से देश की अर्थव्यवस्था सात प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही है जो हिन्दुत्व की विकास दर है।
द्रविड मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोझी एनवीएन सोमू ने देश के विकास के आंकड़ों को नकारते हुये कहा कि इसका लाभ आम लोगों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी में बढोतरी हो रही है और सरकार तेज आर्थिक वृद्धि का राग अलाप रही है।

 

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