जकार्ता ,०५ दिसंबर । सुमात्रा द्वीप पर स्थित इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी माउंट मेरापी के फटने से ११ पर्वतारोहियों की मौत हो गई और कुछ अन्य लापता हैं। एक बचाव अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। खोज और बचाव के प्रमुख एजेंसी अब्दुल मलिक ने बताया कि बचाव के दौरान पहले चरण में, ४९ पर्वतारोही पाए गए। वे सभी बच गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, और कुछ घर लौट आए। दूसरे चरण में, हमें १४ लोग मिले, तीन बच गए और ११ अन्य की मौत हो गई।
विस्फोट के बीच पर्वतारोही पहाड़ की तलहटी की ओर जा रहे थे। अधिकारियों ने ७५ पर्वतारोहियों की खोज के लिए लगभग १०० लोगों को तैनात किया है। माउंट मेरापी, जो समुद्र तल से २,८९१ मीटर की ऊंचाई पर है, रविवार को फट गया, इससे ३,००० मीटर की राख का गुबार निकला। इससे राख और चट्टानें आसपास के क्षेत्र में फैल गईं। अधिकारियों ने मुख्य क्रेटर के ३ किलोमीटर के दायरे में लोगों को खतरे वाले क्षेत्र में जाने से रोक दिया है। गौरतलब है कि मध्य जावा और योग्यकार्ता प्रांतों की सीमा पर स्थित, माउंट मेरापी में १५४८ से नियमित रूप से विस्फोट होता रहा है।
२०१० में एक बड़े विस्फोट में ३५३ लोग मारे गए और २०,००० से अधिक निवासी विस्थापित हुए। २०१० के बाद से, मेरापी ने कई छोटे विस्फोट हुए। इनमें से सबसे उल्लेखनीय दो फाइटिक विस्फोट हैं, जो नवंबर २०१३ और मई २०१८ में हुए थे। इसी साल जुलाई में मेरापी में महज २४ घंटे के अंदर १६ बार विस्फोट हुआ था।



