नई दिल्ली,१४ नवंबर। पिछले कई महीनो से जारी पूर्वोत्तर हिंसा को लेकर गृह मंत्रालय ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मणिपुर में जनजातीय संघर्ष के बीच चर्चा में आए तीन संगठनों को गैरकानूनी करार दिया है। गृह मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना में बताया गया कि मैतेई चरमपंथी संगठनों-पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और इसकी राजनीतिक शाखा, रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (आरपीएफ), यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) और इसकी सशस्त्र शाखा मणिपुर पीपुल्स आर्मी (एमपीए) अगले पांच साल के लिए प्रतिबंधित संगठन होंगे।
सोमवार को गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक (पीआरईपीएके) को भी गैरकानूनी संगठन माना जाएगा। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, सभी संगठनों को १३ नवंबर, २०२३ से पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस संबंध में संबंधित राज्यों में अधिसूचना भेजी गई है।



