नई दिल्ली , ०९ सितम्बर । वायु सेना उप प्रमुखएयर मार्शल आशुतोष दीक्षित एवीएसएम वीएम वीएसएम ने बेंगलुरु में बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर एयरक्राफ्ट – ४० (एचटीटी-४०) उड़ाया। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित, विमान स्वदेश में डिजाइन किया गया है और एचएएल के विमान अनुसंधान एवं डिजाइन केन्द्र द्वारा विकसित किया गया है। यह भारतीय सशस्त्र बलों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं पर आधारित है।
एचटीटी-४० एक पूरा एरोबेटिक विमान है, जो चार ब्लेड वाले टर्बो-प्रोप इंजन द्वारा संचालित है। यह एक अत्याधुनिक ग्लास कॉकपिट, आधुनिक एवियोनिक्स और जीरो-जीरो इजेक्शन सीट सहित नवीनतम सुरक्षा सुविधाओं से सुसज्जित है। ट्रेनर की अधिकतम गति ४५० किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम सर्विस सीलिंग छह किलोमीटर है। एचटीटी-४० ने पहली बार ३१ मई २०१६ को उड़ान भरी और ०६ जून २०२२ को सिस्टम स्तर का प्रमाणपत्र प्राप्त किया। सैन्य उड़ान योग्यता और प्रमाणन केन्द्र की मंजूरी से पूरा विमान अभी चल रहा है।भारतीय वायु सेना ने ७० विमानों की आपूर्ति के लिए एचएएल के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए, जिसका प्रवेश १५ सितम्बर २०२५ को शुरू होगा और १५ मार्च २०३० तक जारी रहेगा। एचटीटी-४० भारतीय सशस्त्र बलों के प्रारंभिक पायलटों की प्रशिक्षण गुणवत्ता को बढ़ाएगा। खरीद में विमान के लिए एक पूर्ण मिशन सिम्युलेटर भी शामिल होगा जो हवाई प्रशिक्षण का पूरक होगा, जिससे पायलटों को उड़ान से पहले जमीन पर विभिन्न अभ्यास कर सकेगें । एचटीटी-४० सरकार के आत्मनिर्भर भारत की कल्पना के अनुरूप रक्षा और विमानन क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक और कदम है।



