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वैश्विक प्रत्यक्ष बिक्री रैंकिंग में सुधार, भारत ११वें पायदान पर पहुंचा

नई दिल्ली ,२३ अगस्त। वैश्विक खुदरा बिक्री में गिरावट के बावजूद, भारतीय प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग ३.२३ अरब डॉलर से ज्यादा के खुदरा कारोबार के साथ वैश्विक प्रत्यक्ष बिक्री रैंकिंग में एक पायदान का सुधार कर ११वें स्थान पर पहुंच गया है।
वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन (डब्ल्यूएफडीएसए) की वर्ष २०२२ की जारी की गई ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक रैंकिंग में ११वां स्थान हासिल करने के बाद भारतीय प्रत्यक्ष बिक्री बाजार ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र रैंकिंग में भी छठा स्थान बरकरार रखा है। पहले पांच शीर्ष देशों में कोरिया पहले स्थान पर तथा इसके बाद के क्रम में चीन, जापान, मलेशिया और ताइवान देश हैं। भारतीय प्रत्यक्ष बिक्री बाजार ने गत तीन वर्षों के दौरान स्थिर डॉलर आधार पर १३.३ प्रतिशत से अधिक की उच्चतम चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) हासिल की है। ऐसे में जब वैश्विक शीर्ष १० प्रत्यक्ष बिक्री कम्पनियों में से केवल तीन ही भारतीय बाजार में हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक खुदरा बिक्री में वर्ष २०२२ में लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और कुल कारोबार लगभग १७२.८ अरब रहा जबकि २०२१ में यह १७५.५ अरब डॉलर था। हालांकि वर्ष २०२२ की पहली तिमाही कोरोना से प्रभावित रही लेकिन इसके बावजूद इस वर्ष वैश्वक प्रत्यक्ष बिक्री २०१९ से २०२२ तक ०.९ प्रतिशत सीएजीआर दर्ज करने में कामयाब रही। भले ही वर्ष २०२२ में कुल प्रत्यक्ष बिक्री में गिरावट आई लेकिन यह वर्ष २०१९ के कोरोना पूर्व के १६८.१७ अरब डॉलर और २०२० के कोरोनाकाल के १७२.१४ अरब डॉलर की बिक्री से अधिक रही।
रिपोर्ट में दर्शाए गए आंकड़ों और वैश्वविक स्तर पर प्रदर्शन पर अगर गौर करें तो कारोना महामारी के कारण उत्पन्न चुनौतियों को मात देते हुए, भारतीय प्रत्यक्ष बिक्री बाजार ने जबरदस्त लचीलापन और स्थिरता दिखाया है और २०२२ में ५.४ प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर हासिल की जो परिस्थितियों के लिहाज से बेहतर है। इस अवधि में अमरीका ४०.५२ अरब डॉलर के कुल कारोबार के साथ वैश्विक प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग रैंकिंग में शीर्ष स्थान बना रहा। हालांकि वर्ष २०२१ के मुकाबले के इसके कारोबार में पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कुल मिलाकर, वैश्विक खुदरा बिक्री ने वर्ष २०२२ की अवधि में लचीलापन और सकारात्मक वृद्धि इिखाई है जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इस उद्योग के भविष्य में तेजी से आगे बढऩे की क्षमता को दर्शाता है।
इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन (आईडीएसए) के अध्यक्ष श्री रजत बनर्जी ने डब्ल्यूएफडीएसए रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, भारतीय प्रत्यक्ष बिक्री बाजार लगातार बढ़ रहा है और अगले दशक में यह विश्व के पांच शीर्ष देशों में अपना स्थान बनाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा उपभोक्ता संरक्षण (प्रत्यक्ष बिक्री) नियम २०२१ के अधिसूचित होने और इसमें हाल ही में हुये संशोधन के बाद भारतीय प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग में स्थिरता दिखनी चाहिए ताकि निवेशकों के साथ बड़ी वैश्विक प्रत्यक्ष बिक्री कम्पनियों का भी विश्वास बढ़े और ये भारत में आएं। अभी तक विश्व की शीर्ष दस प्रत्यक्ष बिक्री कम्पनियों में से केवल तीन ही भारतीय बाजार में हैं और हम चाहते हैं कि शेष भी यहां आकर अपना कारोबार शुरू करें तथा देश के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान दें।

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