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नेहरू मेमोरियल संग्रहालय का नाम बदलने पर भड़की कांग्रेस

नई दिल्ली,१६ अगस्त। कांग्रेस पार्टी ने नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय का नाम बदलकर प्रधानमंत्रियों का संग्रहालय और पुस्तकालय करने के सरकार के फैसले की आलोचना की है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस कदम को “तुच्छ और प्रतिशोधात्मक” बताया और कहा कि यह भारत के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू की विरासत को मिटाने का एक प्रयास था।
रमेश ने कहा कि नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय एक “राष्ट्रीय संस्थान” है जो नेहरू की विरासत और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के संरक्षण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि संग्रहालय का नाम बदलने का सरकार का निर्णय “इतिहास को फिर से लिखने” और “नेहरू के कद को कम करने” का एक प्रयास है।
कांग्रेस पार्टी ने भी सरकार पर पाखंड का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) अभी भी तीन मूर्ति भवन में स्थित है, जो कभी नेहरू का आधिकारिक निवास था। रमेश ने कहा कि सरकार को नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी का नाम बदलने से पहले तीन मूर्ति भवन से पीएमओ को खाली कराना चाहिए।
सरकार ने नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और लाइब्रेरी का नाम बदलने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि वह केवल संग्रहालय को और अधिक समावेशी बनाने की कोशिश कर रही है। संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि नया नाम इस तथ्य को प्रतिबिंबित करेगा कि संग्रहालय केवल नेहरू को ही नहीं, बल्कि भारत के सभी प्रधानमंत्रियों को समर्पित है।
रेड्डी ने यह भी कहा कि सरकार नेहरू की विरासत को मिटाने की कोशिश नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत में नेहरू का योगदान सर्वविदित है और संग्रहालय उनकी विरासत को प्रदर्शित करता रहेगा।

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