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अमेरिका के बाद ब्रिटेन में भी तेजी से फैल रहा कोरोना का नया वैरिएंट, अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में बढ़ोतरी

लंदन ,०६ अगस्त। अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन में भी कोविड-१९ के मामले बढऩे शुरू हो गए हैं। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) के अनुसार, देश में बीमारी का एक नया वैरिएंट ईजी.५.१ पाया गया है। हर सात कोरोना मरीज में से एक इस वैरिएंट से प्रभावित है।
इससे पहले अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) द्वारा नए कोविड मामलों के साथ-साथ इसके कारण अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। जून में लगभग ६,३०० कोविड-१९ मरीज अस्पताल से भर्ती थे जिनकी संख्या २२ जुलाई को समाप्त सप्ताह में बढ़कर ८,००० से अधिक हो गई। ईजी.५.१, जिसे एरिस उपनाम दिया गया है, को पहली बार ३ जुलाई को निगरानी में शामिल किया गया था। यह कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट की उपशाखा में है।
यूकेएचएसए ने एक बयान में कहा कि इस सप्ताह कोविड दरों में वृद्धि हुई है पिछले सप्ताह दर्ज किए गए ४,४०३ श्वसन संबंधी बीमारी के मामलों में से ३.७ प्रतिशत से बढ़कर यह इस सप्ताह ४,३९६ श्वसन संबंधी बीमारी में से ५.४ प्रतिशत पर पहुंच गया है।
यूकेएचएसए में टीकाकरण प्रमुख डॉ. मैरी रामसे ने एक बयान में कहा, इस सप्ताह की रिपोर्ट में हम लगातार कोविड-१९ मामलों में वृद्धि देख रहे हैं। हमने अधिकांश आयु समूहों, विशेषकर बुजुर्गों में अस्पताल में प्रवेश दर में थोड़ी वृद्धि देखी है।
उन्होंने बताया कि नियमित और पूरी तरह से हाथ धोने से आपको कोविड-१९ और अन्य कीड़ों और वायरस से बचाने में मदद मिलती है। यदि आपमें श्वसन संबंधी बीमारी के लक्षण हैं, तो दूसरों से दूर रहें। एंग्लिया विश्वविद्यालय के संक्रामक रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर पॉल हंटर के अनुसार, यह कहना जल्दबाजी होगी कि ईजी.५.१ यूके को कैसे प्रभावित करेगा।
वारविक विश्वविद्यालय के एक वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर लॉरेंस यंग ने कहा कि खराब मौसम के कारण सिनेमा में उपस्थिति में वृद्धि और अधिक इनडोर मिश्रण ने हाल ही में मामलों में वृद्धि में योगदान दिया है। लोग इस गर्मी में ‘बार्बी’ और ‘ओपेनहाइमर’ देखने के लिए सिनेमाघरों में उमड़ रहे हैं।

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