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तुर्की के निवेशकों को उम्मीद, अनाज सौदा जल्द ही फिर से शुरू होगा

अंकारा ,२८ जुलाई । तुर्की के निवेशक अनाज सौदे को लेकर चल रहे संकट का शीघ्र समाधान निकलने की उम्मीद लगाए हुए हैं, उनका मानना है कि समझौते के लंबे समय तक निलंबित रहने से दुनिया भर में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। पिछले वर्ष यूक्रेनी अनाज के निर्यात की अनुमति देने के लिए एक मानवीय गलियारा काला सागर अनाज पहल (ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव) प्रदान किया गया था जो रूस द्वारा अनाज सौदे में अपनी भागीदारी को नवीनीकृत नहीं किये जाने से १८ जुलाई को समाप्त हो गया था। पिछले वर्ष यूक्रेनी अनाज के निर्यात की अनुमति देने के लिए एक मानवीय गलियारे की व्यवस्था समाप्त हो गई थी।
अखबार ने गाजियांटेप कमोडिटी एक्सचेंज असेंबली के अध्यक्ष अहमत तिर्यकियोग्लू का हवाला देते हुए बताया कि तुर्की के निवेशकों को उम्मीद है कि वैश्विक खाद्य संकट को रोकने के लिए मानवीय सहायता के रूप में यह पहल जारी रहेगी। अधिकारी ने कहा कि अनाज सौदे ने दुनिया की खाद्य आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन को नुकसान पहुंचाए बिना संकट पर काबू पाने में काफी मदद की है। उन्होंने कहा कि रूस का समझौते से पीछे हटने से पहले लगभग तीन करोड़ ३० लाख टन अनाज विभिन्न देशों में पहुंचाया गया था।
श्री तिर्यकियोग्लू ने जोर देकर कहा कि यूक्रेन में संघर्ष ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है, विशेष रूप से अफ्रीकी देशों की खाद्य सुरक्षा को कमजोर किया है।
अधिकारी ने कहा, कृषि के क्षेत्र में रूस और यूक्रेन दुनिया की दो सबसे महत्वपूर्ण शक्तियां हैं। इन दोनों देशों के बीच युद्ध एक ऐसा घटनाक्रम है जिसने न केवल यूक्रेन बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित किया हुआ है। उन्होंने कहा कि समझौता टालने की स्थिति में ख़ासकर अफ्ऱीकी देशों के लिए भविष्य में खाद्य संकट का बड़ा ख़तरा बन सकता है।
इस संघर्ष के दौरान जुलाई २०२२ में रूस और यूक्रेन के बीच संयुक्त राष्ट्र और तुर्की द्वारा काला सागर बंदरगाहों से अनाज और उर्वरक के निर्यात की सुविधा प्रदान करने के लिए सौदा किया गया था। तब से अनाज सौदे के कई बार विस्तारों पर सहमति के बावजूद, रूस की ओर से संकेत दिया था कि रूसी अनाज और उर्वरक निर्यात को सुविधाजनक बनाने के लिए की गयी सौदे की सभी शर्तो को पूरा नहीं किया जा रहा।

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