नयी दिल्ली, ११ जुलाई। अखिल भारतीय शतरंज महासंघ इंडियन प्रीमियर लीग की तर्ज पर फ्रेंचाइजी आधारित शतरंज टूर्नामेंट शुरू करेगा जिसकी निविदा प्रक्रिया अगले एक पखवाड़े में शुरू हो जायेगी।
इस फ्रेंचाइजी आधारित लीग में छह से आठ टीमें होगी। इसके शुरूआती सत्र का आयोजन इस साल दिसंबर में होगा।
एआईसीएफ आम सभा की रविवार को कानपुर में बैठक हुई। जिसमें इस बारे में चर्चा की गयी।
एआईसीफ के अध्यक्ष संजय कपूर ने कहा, हमें भारतीय शतरंज का चेहरा बदलना होगा। यह आईपीएल जैसा होगा।
कपूर ने कहा कि प्रत्येक राज्य शतरंज संघ को हर साल सात लाख रुपये मिलेंगे। उन्होंने उम्मीद जतायी कि कानपुर बैठक के दौरान उन्होंने जो खाका तैयार किया है उससे राज्य निकायों को अगले तीन-चार साल में अनुग्रह राशि के रूप में लगभग २५ लाख रुपये मिलेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि एआईसीएफ देश में खेल को पेशेवर तरीके से चलाने के लिए एक प्रबंधन बोर्ड बनाएगा।
उन्होंने कहा, हमें आगे बढऩे के लिए अपनी मानसिकता बदलनी होगी। हमें अपनी कमियों के बारे में सोचना होगा और हर समय उस पर काम करना होगा। तीन साल के बाद हमें किसी सरकारी फंडिंग की जरूरत नहीं होगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने विश्वनाथन आनंद और कोनेरू हंपी जैसे भारतीय शतरंज के दिग्गजों के लिए किसी भूमिका की परिकल्पना की है, कपूर ने कहा, ‘वे हमारे साथ हैं। आनंद फिडे (अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ) के उपाध्यक्ष हैं। वह हमेशा महासंघ के साथ हैं। आनंद एक ‘आइकन’ हैं और वह भारतीय शतरंज के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।



