कैलिफोर्निया ०७ जुलाई । ५ जुलाई को सोशल मीडिया पर तेजी से एक खबर वायरल हुई थी कि खालिस्तानी आतंकी और सिख्स फॉर जस्टिस का मुखिया गुरपतवंत सिंह की अमेरिका में मौत हो गई। कई मीडिया संस्थानों ने इस बात को उठाया कि गुरपतवंत सिंह पन्नू की मौत हो गई। लेकिन इस खबर की पुष्टि नहीं हो पाई थी। अब उसका एक वीडियो सामने आया है और उसने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय दूतावासों की घेराबंदी करने की चेतावनी दी है। सिख्स फॉर जस्टिस नाम के अतिवादी संगठन की स्थापना करने वाले पन्नू ने कैनेडा और लंदन में ८ जुलाई को होने वाली किल इंडिया रैली का जिक्र करते हुए पन्नू ने कहा कि इंतजार करिए, यह तो अभी एक शुरुआत है। १५ अगस्त को सिख समुदाय के लोग भारतीय दूतावासों को घेराव करेंगे।
गुरपतवंत सिंह के धमकी वाले वीडियो को नए-नए बनाए गए अकाउंट्स से शेयर किया जा रहा है। ये खाते पाकिस्तान समर्थक हैं। भारत ने इस मसले को कैनेडा के सामने भी उठाया है। यही नहीं कैनेडा के उच्चायुक्त को भी भारत ने तलब करके खालिस्तानियों की हरकतों पर चिंता जताई है। खालिस्तानियों ने ऐलान किया है कि वे ८ जुलाई को कैनेडा में किल इंडिया रैली निकालेंगे। इस दौरान उन्होंने भारतीय दूतावासों तक मार्च करने की धमकी दी है। ऐसा ही प्रदर्शन इन लोगों ने लंदन में भी करने की तैयारी की है। हालांकि कैनेडा सरकार ने कहा कि ऐसा कोई भी कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा। हम भारत की चिंताओं से अवगत हैं।
खालिस्तानियों ने धमकी दी है कि ८ जुलाई की रैली कैनेडा तक ही सीमित नहीं रहेगी। वे अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपियन यूनियन में भी ऐसी ही रैलियां करेंगे। भारत ने कैनेडा, ब्रिटेन जैसे देशों से खालिस्तान के मसले पर ऐक्शन की अपील की है। भारत के एक अधिकारी ने कहा कि सिख्स फॉर जस्टिस जैसे संगठनों के खिलाफ ऐक्शन नहीं हो रहा है और इसके चलते इनके हौसले बढ़ गए हैं। बीते सप्ताह ही अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय कौंसुलेट में भी खालिस्तान समर्थकों ने अटैक किया था और आग लगाने की कोशिश की थी।
दरअसल बीते करीब दो महीनों में खालिस्तानी संगठनों के तीन आतंकी मारे गए हैं। हाल ही में सिख्स फॉर जस्टिस से जुड़े हरजीत सिंह निज्जर की कैनेडा में हत्या हो गई थी। खालिस्तानी इस हत्या से बौखलाहट में हैं और इसके लिए भारतीय एजेंसियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। निज्जर पर खालिस्तान टाइगर फोर्स नाम के संगठन के लिए काम करने का आरोप है। उसकी लंबे समय से भारतीय एजेंसियां तलाश कर रही थीं।
वही बात करें गुरपतवंत पन्नू के वीडियो की तो इसमें पन्नू ने अपने मरने की अफवाह के बारे में कुछ भी नहीं बताया है। इससे यह जाहिर होता है कि यह वीडियो उसकी मरने की खबर आने से पहले का है। इससे इस आशंका को बल मिल रहा है कि पन्नू मर चुका है और उसके वीडियो का उपयोग करके हताश और डरे हुए खालिस्तानियों में जोश भरने का प्रयास किया जा रहा है। आपको बता दें कि लगातार मारे जा रहे खालिस्तानी आतंकियों तथा दुनिया भर में खालिस्तान आंदोलन के समर्थन में आ रही कमी को देखते हुए खालिस्तान समर्थकों में डर और निराशा का माहौल घर कर गया है। अधिकतर खालिस्तानी आतंकी भूमिगत हो गए हैं। ऐसे में यदि पन्नू की मौत कंफर्म हो जाती है तो यह तथाकथित खालिस्तान आंदोलन के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा।



