नई दिल्ली, ०९ जून। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ८९,०४७ करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ बीएसएनएल के पुनरुद्धार के लिए तीसरे पैकेज को मंजूरी दे दी। इसमें इक्विटी इन्फ्यूजन के जरिए बीएसएनएल के लिए ४जी और ५जी स्पेक्ट्रम का आवंटन शामिल है।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बीएसएनएल की अधिकृत पूंजी १५०,००० करोड़ रुपये से बढ़ाकर २१०,००० करोड़ रुपये की जाएगी। इस पुनरुद्धार पैकेज के साथ, बीएसएनएल एक स्थिर दूरसंचार सेवा प्रदाता के रूप में उभरेगा, जो भारत के दूर दराज के इलाकों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कैबिनेट की बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों या माओवाद प्रभावित कुछ स्थानों को छोड़कर, बीएसएनएल अब पूरे देश में ४जी सेवाएं दे रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इस स्पेक्ट्रम आवंटन के साथ, बीएसएनएल अखिल भारतीय ४जी और ५जी सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होगा।
यह विभिन्न कनेक्टिविटी परियोजनाओं के तहत ग्रामीण इलाकों में ४जी कवरेज देने में भी सक्षम होगा। हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। कैप्टिव गैर-सार्वजनिक नेटवर्क (सीएनपीएन) के लिए बीएसएनएल सेवाएं या स्पेक्ट्रम भी प्रदान करेगा।
सरकार ने २०१९ में बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए पहले पुनरुद्धार पैकेज को मंजूरी दी थी। इसकी राशि ६९,००० करोड़ रुपये थी। २०२२ में, सरकार ने घाटे में चल रही दोनों संस्थाओं के लिए १.६४ लाख करोड़ रुपये के दूसरे पुनरुद्धार पैकेज को मंजूरी दी थी।



