टोरंटो,०९ मई। अल्बर्टा में जंगलों में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। आग की भयावहता को देखते हुए लगभग ३० हजार लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। वहां की सौ से अधिक जगहों पर जंगलों में आग लगी हुई है। इनमें से ३१ जगहों पर स्थिति नियंत्रण से बाहर बताई गई है।
अल्बर्टा की वाइल्ड फायर यूनिट की सूचना अधिकारी क्रिस्टी टकर ने जानकारी देते हुए बताया कि आग बुझाने के लिए हेलिकॉप्टर और एयर टैंकर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इलाके से बचाए गए लोगों को सुरक्षित जगह पर भेजा गया है।
क्रिस्टी के मुताबिक धुएं और आग की वजह से अभी प्रॉपर्टी को हुए नुकसान की जानकारी दे पाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा अभी हमारा मकसद लोगों की जान को बचाना है।
जंगलों की आग से खतरे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बारिश होने के बावजूद उस पर कोई असर नहीं पड़ा। पर्यावरण पर काम करने वाले एरिन स्टाउंटन ने कहा कि इससे आग पर न के बराबर ही असर पड़ेगा। वहीं, पूरे अल्बर्टा राज्य में आग से निपटने के लिए इमरजेंसी लगानी पड़ी है। खुद प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो इस मामले में नजर बनाए हुए हैं।
अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने बताया कि आग से अब तक ३ लाख एकड़ से ज्यादा का एरिया जल चुका है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका ड्रायटन वैली को बताया जा रहा है। जहां १४० किलोमीटर प्रति घंटा से चल रही हवाओं की वजह से आग तेजी से फैल रही है।
प्रीमियर डेनिएल स्मिथ ने सोमवार को कहा कि अल्बर्टा सात दिनों या उससे अधिक समय के लिए जंगल की आग के कारण अपने घर से निकाले गए लोगों को एकमुश्त आपातकालीन सहायता प्रदान करेगा।
प्रांत ने संघीय सरकार से भी मदद मांगी है। प्रीमियर डेनिएल स्मिथ ने कहा कि लूटपाट को रोकने और खाली किए गए समुदायों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए सैन्य कर्मियों को तैनात किया जाएगा।



