पेरिस ,०४ अगस्त। फ्रांस ने नाइजर में सैन्य द्वारा किए तख्तापलट के कारण ३५० से अधिक फ्रांसीसी नागरिकों को अब तक वहां निकाला है। यह जानकारी फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मामलों के मंत्रालय ने दी। मंत्रालय ने बताया कि नाइजर के नियामी से दो उड़ानें पहले ही रवाना हो चुकी हैं, जिनमें फ्रांसीसी नागरिकों के साथ-साथ यूरोपीय संघ के अन्य देशों के नागरिक भी सवार हैं। मंत्रालय ने कहा कि निकासी उड़ानों में ५१० से अधिक लोग सवार हैं। निकासी अभियान के तहत तीसरी उड़ान भी निर्धारित है। मंत्रालय के अनुसार फ्रांस के नाइजर में लगभग १,२०० पंजीकृत नागरिक रहते हैं। इनमें से लगभग ६०० नागरिकों ने निकाले जाने की इच्छा व्यक्त की है।
फ्रांस के एक टीवी चैनल से बात करते हुए फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना ने पुष्टि की कि फ्रांस नाइजर में सैन्य हस्तक्षेप नहीं करेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले बुधवार को नाइजर के रक्षा एवं सुरक्षा बलों ने कहा कि देश में सैनिकों ने कथित तौर पर बंधक बनाए जाने के कुछ ही घंटों बाद राष्ट्रपति मोहम्मद बज़ौम को सत्ता से बेदखल कर दिया। इसके दो दिन बाद नाइजर के राष्ट्रपति गार्ड के पूर्व नेता जनरल अब्दौराहमाने त्चियानी को ‘होमलैंड की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय परिषद का अध्यक्ष’ नामित किया गया।
बाद में उन्होंने संविधान को निलंबित करने और सरकार को भंग करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिससे परिषद को सभी विधायी और कार्यकारी प्राधिकरणों का प्रयोग करने का अधिकार मिल गया। बज़ौम ने २०२१ में चुनाव जीतने के बाद पदभार ग्रहण किया। साल १९६० में फ्रांस से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से नाइजर में चार तख्तापलट हो चुका है।



