मॉन्ट्रियल, 10 अगस्त। इंटरगर्वमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) की छठी आकलन रिपोर्ट में कहा गया है कि सदी के अंत तक तापमान बढ़ोतरी को डेढ़ डिग्री तक सीमित रखने का वक्त हाथ से फिसल चुका है। यदि इसी प्रकार उत्सर्जन बढ़ता रहा तो 2030 आते-आते ही तापमान में डेढ़ डिग्री की बढ़ोतरी हो जाएगी और यह सदी के आखिर तक 2.7 डिग्री तक पहुंच सकती है।अभी पूरी दुनिया में इस बात पर बहस चल रही है कि सदी के आखिर तक तापमान बढ़ोतरी को कैसे डेढ़ डिग्री तक सीमित रखा जाए, लेकिन रिपोर्ट बताती है कि यह खतरा तो सिर पर मंडरा रहा है। 2030 तक औसत तापमान में 1.5 या इससे भी अधिक 1.6 डिग्री की बढ़ोत्तरी हो सकती है। आईपीसीसी की 2018 में आई रिपोर्ट में कहा गया था 2052 तक तापमान में डेढ़ डिग्री बढ़ोतरी होगी। नए आकलन रिपोर्ट से साफ है कि उत्सर्जन में कमी लाने के प्रयास जमीनी स्तर पर सफल नहीं हो रहे हैं।



