नई दिल्ली। कोरोना के भयंकर रूप के बीच विदेशों ने भारत की ओर मदद के हाथ बढ़ाए हैं। जहां स्पूतनिक वैक्सीन की पहली खेप भारत पहुंच गई है, वहीं जर्मनी ने भी जर्मनी ने भी 120 वेंटिलेटर भेजे हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इस वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए हम हमारे भरोसेमंद साथी और मित्र जर्मनी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और 120 वेंटिलेटर के उपहार के लिए जर्मनी का आभारी हूं। बताया जा रहा है कि जर्मनी अगले हफ्ते तक एक मोबाइल ऑक्सीजन प्लांट भी भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही रेमडेसिविर और मोनोक्लोनल की एक खेप आना और आएगी। विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका से भारत में 1000 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर, नियामकों और अन्य चिकित्सा उपकरणों को आए हैं। दो दिनों में तीसरा शिपमेंट है जो ऑक्सीजन की कमी पूरा करने में मदद करेगा। उधर रूसी टीका स्पुनतिक वी की पहली खेप जिसमें करीब डेढ़ लाख डोज हैं, शनिवार को भारत आ गई। देश में टीकों की कमी को देखते हुए भारत सरकार ने इसे मंजूरी दी थी।



