डुसेलडॉर्फ (जर्मनी), 20 अगस्त। मानव अंगों की बारीकियों और अंगों की कार्यप्रणाली के बारे में वैज्ञानिक लगातार नए शोध करते रहते हैं। अब वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में एक छोटा सा कृत्रिम मानव मस्तिष्क (आर्टिफिशियल मिनी ब्रेन) विकसित किया है। हालांकि इस दौरान इसमें उभरी आंखों की आकृति ने वैज्ञानिकों को हैरत में जरूर डाल दिया। जर्मनी के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल डुसेलडॉर्फ के वैज्ञानिकों ने इस कृत्रिम दिमाग को विकसित करने में सफलता पाई है। न्यूरोसाइंटिस्ट जय गोपालकृष्णन के अनुसार, उनकी टीम इंसानी दिमाग के बारे में और अधिक जानकारी जुटाने के उद्देश्य से प्रयोगशाला में यह प्रयोग कर रहे थे।
विकसित किए गए दिमाग में एक वयस्क इंसान की स्टेम कोशिकाओं का उपयोग किया गया। उसे लैब में सही तापमान और सही माहौल में बड़ा किया जा रहा था। गौरतलब है कि स्टेम कोशिकाओं में कई तरह के टिश्यू उगाने की क्षमता होती है इसलिए इस बार इनसे दिमाग उगाया गया। प्रयोग के दौरान यह स्टेम कोशिकाओं की मदद से यह असली मस्तिष्क की तरह से ही वृद्धि करता हुआ नजर आया। इस आविष्कार से संबंधित शोध पत्र स्टेम सेल पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।



