युद्ध की आशंका, कैनेडा ने भी भेजे सैनिक
ओटावा,18 जनवरी। निरंतर प्रयासों के बावजूद यूक्रेन के मुद्दे पर रूस और नाटो के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में घटनाक्रम तेजी से आकार ले रहा है। संभावित युद्ध के खतरे को देखते हुए रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव में मौजूद अपनी एम्बेसी लगभग खाली करा ली है। दूसरी तरफ, कैनेडा ने रूस के मुकाबले के लिए यूक्रेन में अपने कुछ सैनिक भेज दिए हैं। उधर, ब्रिटेन ने भी यूक्रेन को रूसी टैंकों का सामना करने के लिए एंटी टैंक हथियार दिए हैं।
एक प्रमुख अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस बहुत गुपचुप तरीके से यूक्रेन को घेरने की कोशिश कर रहा है। 5 जनवरी को उसने कीव स्थित अपनी एम्बेसी से 18 लोगों को मॉस्को रवाना किया। ये सभी लोग सड़क के रास्ते 15 घंटे का सफर करने के बाद मॉस्को पहुंचे। इसके बाद अगले कुछ दिनों में 30 और लोगों को इसी तरह मॉस्को भेजा गया। यूक्रेन में कीव के अलावा रूस की दो कॉन्स्युलेट्स भी हैं। इनके कर्मचारियों से कहा गया है कि उन्हें किसी भी वक्त मॉस्को जाने का आदेश दिया जा सकता है।
रूस की हरकतों पर अमेरिका और नाटो बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। रूस के संभावित कदमों को देखते हुए जवाबी तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। फिलहाल, अमेरिका के सहयोगी यूक्रेन की मदद कर रहे हैं। ब्रिटेन ने यूक्रेन की मदद के लिए अहम फैसला किया और इस पर अमल भी शुरू कर दिया। ब्रिटेन ने रूसी टैंकों के मुकाबले के लिए अपने एंटी टैंक हथियार यूक्रेन भेजना शुरू कर दिए हैं। दूसरी तरफ, कैनेडा ने अपने सैनिकों की एक स्पेशल रेजीमेंट कीव भेज दी है।



