मोहाली ,१० मई । मोहाली में पंजाब पुलिस की खुफिया शाखा पर ग्रेनेड हमले के सिलसिले में पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस अभी तक हमलावरों का पता नहीं लगा पाई है, हालांकि सीसीटीवी फुटेज की जांच चल रही है। एक अधिकारी ने कहा कि ग्रेनेड लगभग १०० मीटर के दायरे से फेंका गया था। एनआईए, आईबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से मौके का दौरा किया है।
आतंकवाद रोधी विशेषज्ञ अधिकारियों ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी राज्य पुलिस कार्यालय पर हमले के लिए आरपीजी का इस्तेमाल किया गया है। रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड कंधे से दागे जाने वाले मिसाइल हथियार को कहते हैं। वैसे को इसका इस्तेमाल अक्सर टैंक विरोधी हथियारों के रूप में किया जाता है लेकिन पंजाब में इस तरह के हथियार का पहुंचना काफी चौंकाने वाला है।
आतंकवादी बने हरविंदर सिंह उर्फ रिंडा की भूमिका की जांच कर रही पुलिस
पंजाब पुलिस का खुफिया दफ्तर ओपन है लेकिन कर्मचारियों के लिए प्रवेश प्रतिबंधित है। जांच से जुड़े अधिकारियों ने कहा, ऐसा लगता है कि आरोपियों को विदेश से काम करने वाले लोगों ने काम पर रखा था। पुलिस विस्फोट में गैंगस्टर से आतंकवादी बने हरविंदर सिंह उर्फ रिंडा की भूमिका की जांच कर रही है। बताया जाता है कि रिंडा पाकिस्तान में रहता है। वह फिरोजपुर-टू-तेलंगाना हथियार तस्करी मामले के अलावा नवांशहर पुलिस सीआईए कार्यालय विस्फोट मामले में वांछित है।
एक अधिकारी ने कहा, चिंता की बात यह है कि हमलावरों ने इस बार खुफिया मुख्यालय पर हमला करने की हिम्मत की है। यह परेशान करने वाला है कि आतंकी समूह इस तरह के काम को करने के लिए पैसे की पेशकश करके आसानी से युवाओं की भर्ती कर रहे हैं। पहले की एक रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसियों को संदेह था कि हमले में दो लोग शामिल थे।



