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महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री देशमुख 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

मुंबई ,8 नवंबर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से नौ दिनों की हिरासत की याचिका को स्वीकार करने से इनकार करते हुए विशेष अवकाशकालीन अदालत के न्यायाधीश पी. आर. सित्रे ने धनशोधन मामले में गिरफ्तार महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मुंबई की अदालत ने धन शोधन मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री देशमुख को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है, जबकि स्पेशल कोर्ट में ईडी की तरफ से कस्टडी की मांग की गई थी। लेकिन स्पेशल कोर्ट ने 1 नवंबर को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का आदेश सुनाया।
इसके साथ ही, उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख, जिन्हें इसी मामले में पूछताछ के लिए ईडी ने तलब किया है, ने अग्रिम जमानत के लिए सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाया है और उनकी याचिका पर 12 नवंबर को सुनवाई होगी।
ईडी द्वारा 1 नवंबर को 13 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ करने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख को 2 नवंबर की सुबह गिरफ्तार कर लिया गया था और एजेंसी की 4 दिन की हिरासत में भेज दिया गया था।
गौरतलब है कि यह मामला मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों से उत्पन्न हुआ है, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वह वर्तमान में लापता हैं। सिंह ने देशमुख पर कथित तौर पर होटल व्यवसायियों से मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को 100 करोड़ रुपये का मासिक संग्रह लक्ष्य यानी उगाही करने का आरोप लगाया था, जिन्हें अब बर्खास्त कर दिया गया है।
9 दिनों के लिए हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए, ईडी ने कहा कि छुट्टियों के कारण, वे कुछ दस्तावेज प्राप्त करने में असमर्थ हैं और देशमुख के जवाब टालमटोल वाले रहे हैं, इसलिए उन्हें मामले में शामिल अन्य आरोपियों के साथ उनका सामना कराने की आवश्यकता है।
ईडी की याचिका का विरोध करते हुए, देशमुख की कानूनी टीम जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी, अनिकेत निकम और इंद्रपाल सिंह शामिल हैं, ने दलील दी कि पेश किए गए आधार अस्पष्ट हैं और पांच दिनों तक लगातार पूछताछ के बावजूद, ईडी ने और अधिक हिरासत में जांच के लिए कोई नया कारण नहीं बताया है।
देशमुख ने सिंह और वाजे द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का लगातार खंडन किया है और एक वीडियो बयान में सवाल किया है कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त, जो कई मामलों में वांछित हैं और जिन्होंने आरोप लगाए हैं, अब उनका ही पता नहीं चल पा रहा है।

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