कांगो ,१ जून। दुनियाभर के कई देशों में मंकीपॉक्स का खतरा बढ़ रहा है। कांगो में मंकीपॉक्स से नौ लोगों की मौत इस साल हो चुकी है। वहीं नाइजीरिया ने मंकीपॉक्स से इस साल (२०२२) में पहली मौत दर्ज की गई है। कांगो में संकुरु हेल्थ डिविजनप्रमुख डॉ. ऐमे अलोंगो ने कहा देश में मंकीपॉक्स के ४६५ मामलों की पुष्टि हुई है। पश्चिम और मध्य अफ्रीका में यह सबसे ज्यादा प्रभावित है।
नाइजीरिया के रोग नियंत्रण सेंटर की ओर से कहा गया है कि २०२२ में मंकीपॉक्स के ६६ संदिग्ध मामलों आए, जिसमें से २१ में बीमारी की पुष्टि हुई। वहीं एक ४० वर्षीय मरीज की मौत हुई है, जो इस साल मंकीपॉक्स से मौत का पहला मामला है। सितंबर २०१७ से नाइजीरिया में मंकीपॉक्स का प्रकोप नहीं हुआ है, लेकिन यहां इसके मामले लगातार आते रहे हैं।
मंकीपॉक्स अब तक कुल २३ देश इसकी चपेट में आ गए हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने बताया है कि मंकीपॉक्स के अब तक कुल २५७ मामले सामने आए हैं। चिंता की बात यह है कि यह अधिकतर उन देशों में फैल रहा है, जहां यह बीमारी आमतौर पर नहीं पाई जाती है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि मंकीपॉक्स बच्चों और गंभीर बीमारी के उच्च जोखिम वाले लोगों में ज्यादा फैल रहा है। बता दें कि मंकीपॉक्स चेचक की तरह होने वाला एक वायरल संक्रमण है। यह पहली बार १९५८ में अनुसंधान के लिए रखे गए बंदरों में खोजा गया था और १९७० में मंकीपॉक्स का पहला मानव मामला सामने आया था। यह रोग मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका में होता है। यह वायरस पॉक्सविरिडे परिवार से संबंधित है, जिसमें चेचक रोग पैदा करने वाले वायरस भी आते हैं।



