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फास्ट एंड फ्यूरियस फिल्म से प्रेरित होकर ऑन डिमांड चुराते थे लग्जरी कारें – हाईटेक उपकरणों से मिनटों में बदलते थे सॉफ्टवेयर, गैंग के ३ सदस्य दबोचे

नई दिल्ली ,२८ मई । नई दिल्ली में हॉलीवुड फिल्म द फास्ट एंड द फ्यूरियस से प्रेरित होकर ४० से ज्यादा लग्ज़री कारें चुराने वाले गैंग के तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। यह लोग कारें चोरी करने के लिए स्कैनर और जीपीएस जैमर सहित हाईटेक उपकरणों का इस्तेमाल करते थे। यह गैंग खरीददार की डिमांड के मुताबिक कारें चुराकर उन्हें देता था।

पुलिस ने शुक्रवार को गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ़्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान उत्तम नगर निवासी मनीष राव (४२) और जगदीप शर्मा (४३) और उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले आस मोहम्मद (४०) के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि मनीष राव और शर्मा को उस वक्त पकड़ा गया जब ये दोनों एक चोरी की कार का सौदा करने आए थे। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) मनोज सी ने कहा कि वह कार पश्चिम विहार इलाके से चोरी की गई थी।

उन्होंने बताया कि चोरी के वाहन की तलाशी के दौरान सेंसर किट, चुंबक, एलएनटी चाबियां और आठ रिमोट कार कीज समेत विभिन्न उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने कहा कि इन चोरी की कारों के मेन सप्लायर मोहम्मद को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। वह इन वाहनों को राजस्थान में बेचता था।

रवि उत्तम नगर गैंग के सदस्य हैं तीनों आरोपी

डीसीपी ने कहा कि आरोपी हॉलीवुड फिल्म द फास्ट एंड द फ्यूरियस से प्रेरित थे और कार में लगे जीपीएस को निष्क्रिय करने के लिए मिनटों में कारों को अनलॉक करने के लिए स्कैनर और जैमर का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने बताया कि तीनों कुख्यात रवि उत्तम नगर गैंग के सदस्य हैं।

डीसीपी ने कहा कि तीनों आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने गैंग के सरगना रवि के साथ मिलकर अप्रैल से अब तक शहर के विभिन्न इलाकों से ४० से अधिक कारें चुराई हैं, जिनमें उत्तम नगर, तिलक नगर, सुभाष नगर, पशिम विहार, मुनिरका, द्वारका आदि शामिल हैं और उन्हें राजस्थान और मेरठ में बेच दिया।

मिनटों में चोरी कर लेते थे वाहन

डीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने खुलासा किया है कि एक सॉफ्टवेयर-आधारित हैकिंग डिवाइस का उपयोग करके वह कारों को अनलॉक करते थे। इसके बाद कारों के सॉफ्टवेयर को बदलने के बाद डिवाइस की सहायता से नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर देते। इसके जरिए नई चाबियां तैयार कर कारों को दो से तीन मिनट के भीतर चुरा लेते थे।

बिना सीसीटीवी कैमरे वाले स्थानों पर पार्क करते थे वाहन

पुलिस ने कहा कि चोरी करने के बाद वह इन कारों को सोसायटियों के बाहर, अस्पतालों के पास और ऐसी अन्य जगहों पर पार्क कर देते थे जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होते थे। पुलिस ने कहा कि मांग के मुताबिक वे खरीदार तक वाहन पहुंचाते थे। पुलिस ने बताया कि उनके पास से दो पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस, टूल किट, हैकिंग डिवाइस, कारों की ३० चाबियां, औजार और सात चोरी की कारें बरामद की गई हैं।

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