सतना। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में पांच वर्षीय दो जुड़वा भाइयों की हत्या से हर कोई सदमे में है। 20 लाख रुपये फिरौती लेकर भी बच्चों की निर्मम हत्या ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है। इस वारदात पर बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। अपहरणकर्ताओं की गाड़ी में बीजेपी के झंडे की वजह से घटना ने सियासी मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने साफ तौर पर कहा है कि इस वारदात में विपक्ष के लोग शामिल हैं तो पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पलटवार किया है। शिवराज का कहना है कि घटना को किसी और दिशा में मोड़ दिया जा रहा है, ताकि भ्रम बना रहे। इधर, सतना में बीजेपी ने बंद बुलाया है और वहां विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। रविवार को इस घटना के विरोध में चित्रकूट में सैकड़ों लोगों ने सद्गुरु सेवा ट्रस्ट में तोड़फोड़ की थी और वहां धारा 144 लागू है।
इस बीच जुड़वा बच्चों (प्रियांश और श्रेयांश )के पिता बृजेश रावत ने कहा, ‘मेरे बेटों को जिंदा नदी में फेंक दिया। फिरौती भी ले लिए और बच्चों को खत्म कर दिया… केवल पैसों के लिए’ यह कहते हुए बृजेश रो पड़ते हैं। बृजेश आगे कहते हैं कि उन्होंने 19 फरवरी को किडनैपर्स को 20 लाख रुपये दिए थे और उसी दोपहर उनसे आखिरी बार बात की थी। यह आखिरी बार था जब उन्होंने अपने बच्चों की आवाज सुनी थी। अपने आंसू पोंछते हुए वह कहते हैं, ‘उन्हें फांसी पर लटका देना चाहिए। ऐसे लोग समाज में रहने लायक नहीं हैं।’ परिवार से मुलाकात करने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा, ‘सोना चाहता हूं, लेकिन आंखों में नींद नहीं है, मन बेचैन है, कैसे शांति पाऊं, यही सोच रहा हूं! अभी प्रियांश और श्रेयांश दोनों बेटों के पिता जी से मिलकर आ रहा हूं। अंतरात्मा रो रही है, मन दर्द से भरा हुआ है आखिर कोई इतना हृदयहीन कैसे हो सकता है कि मासूम बच्चों को जिनके पिता ने उन्हें बचाने के लिए फिरौती दे दी थी, उनको मारने में हाथ भी न कांपे…।’ शिवराज ने लिखा, ‘मानवता शर्मसार हुई है, संवेदनाएं मर गई हैं। जब उनके पिता का दर्द देखा तो नि:शब्द हो गया, कहने को शब्द नहीं थे। पिता की एक ही मांग है कि अपराधियों को ऐसी सजा दी जाए कि फिर कोई दूसरे बच्चे प्रियांश और श्रेयांश की तरह तड़पा-तड़पा कर न मारे जाए।’ शिवराज ने यह भी कहा कि यह पता लगने के बाद कि बच्चे अब नहीं रहे, आईजी रीवा का यह कहना कि पार्टी विशेष का झंडा लगा हुआ था, जो उन्हें ले गए। उन्होंने कहा कि किसी संगठन विशेष से जुड़े हुए ये यह कहना भी सिद्ध करता है कि घटना को किसी और दिशा में मोड़ दो, ताकि भ्रम बना रहे और अपनी असफलता को छिपा सकें। इससे पहले रविवार को मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने भी मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा था।
मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘गाड़ी में किसका झंडा लगा था, यह सामने आ गया है। इस घटना के पीछे जरूर कोई राजनीति है। अपराधी कहां से आ रहे थे? इसके पीछे किसका हाथ है…? विपक्ष डरा हुआ है, क्योंकि उनके लोग इसमें शामिल हैं। जल्द ही सब साफ हो जाएगा। मैंने बच्चों के पिता बृजेश रावत से फोन पर बात की है। मुझे इस घटना का बहुत दुख है। इस वारदात में शामिल दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा।’ शिवराज सोमवार को मृत बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए वह सभी नागरिकों के साथ सतना के सिविल लाइन तिराहे से निकलने वाले मौन जुलूस में शामिल होंगे। बता दें कि चित्रकूट से 12 फरवरी को अगवा जुड़वा बच्चों श्रेयांश और प्रियांश की किडनैपर्स ने हत्या कर दी। शनिवार देर रात दोनों के हाथ-पैर बंधे शव बांदा में यमुना नदी में मिले। पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने वाला युवक रामकेश यादव भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि फिरौती मिलने के बाद 21 फरवरी को ही दोनों बच्चों को मार दिया गया था।



