विनिपेग,3जुलाई। कैनेडा में पुराने रेजिडेंशियल स्कूलों में मिलीं कब्रों से सैकड़ों बच्चों के अवशेष पाए जाने से लोगों में भारी गुस्सा है। इसके विरोध में विनिपेग शहर में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने महारानी विक्टोरिया और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की प्रतिमाएं गिरा दीं।
प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने प्रतिमाओं को ढहाने से पहले जमकर नारेबाजी की। ‘नरसंहार में कोई गर्व नहीं’ जैसे नारे लगाए गए। यह घटना ऐसे दिन हुई, जब देशभर में एक जुलाई को कैनेडा डे मनाया जाता है। कैनेडा के ब्रिटिश कोलंबिया और सैस्कैचवान प्रांतों में पूर्व के रेजिडेंशियल स्कूलों में करीब एक हजार कब्रें मिली हैं। इन स्कूलों का संचालन कैथोलिक चर्च की ओर से किया जाता था।
इसकी जांच करने वाले कमीशन ने बताया था कि ये स्कूल मूल निवासियों के बच्चों को उनके परिवारों से जबरन अलग कर देते थे। वे न सिर्फ कुपोषण का शिकार होते थे बल्कि उनका यौन शोषण भी किया जाता था। इस तरह का कृत्य 165 वर्षो से चल रहा था और 1996 तक जारी रहा। कैनेडा डे पर प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपने संदेश में कहा कि पूर्व के स्कूलों से बच्चों के अवशेष मिलने से जाहिर होता है कि देश में अन्याय का अस्तित्व अब भी है। उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी।
वही इस तरह की कब्रों के मिलने से मूल निवासियों में बहुत गुस्सा है। जिसके चलते उन्होंने अनेक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी किए तथा समानता व न्याय की मांग की। इसी दौरान महारानी विक्टोरिया तथा महारानी एलिजाबेथ की प्रतिमाओं को नीचे गिरा दिया गया।



