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कोरोनावायरस से लड़ने में वैक्सीन की सिंगल डोज भी प्रभावी: स्टडी

ओंटारियो, 6 जुलाई। कोविड-19 डेटा के नए अध्ययन से पता चला है कि कैनेडा में उपयोग के लिए स्वीकृत सभी वैक्सीन मात्र एक डोज से भी कोरोनोवायरस के कंसर्न वेरिएंट से संक्रमण के सिम्पटम्स, हॉस्पिटलाइजेशन या मृत्यु को रोकने में पहले की अपेक्षा बेहतर कर रहे हैं।
शनिवार को प्रकाशित प्री-प्रिंट स्टडी से पता चलता है कि फाइजर, मॉडर्न या एस्ट्राजेनेका कोविड वैक्सीन की एक खुराक में पिछले सर्दियों में ओंटारियो में पाए गए कोरोनावायरस के चार कंसर्न वेरिएंट्स के खिलाफ 48 से 83 प्रतिशत इफेक्टिविटी पाई गई है।
तीनों वैक्सीन ने दूसरी डोज देने के 1 सप्ताह बाद कोरोनावायरस के सभी वैरीएंट्स के सिम्टम्स को रोकने में इफेक्टिवनेस दिखाई जो कि अल्फा वैरिएंट के खिलाफ मॉडर्न के लिए 92 प्रतिशत से लेकर डेल्टा वैरीएंट के खिलाफ फाइजर के लिए 87 प्रतिशत तक थी।
स्टडी में दिसंबर 2020 और मई 2021 के लास्ट तक 420,000 से अधिक लोगों के डेटा का उपयोग किया गया था जो या तो ओंटारियो में कोविड-19 से संक्रमित थे या जिन्हें कोविड-19 वैक्सीन दी गई थी या दोनों। उनमें से 40,000 से अधिक कोरोनावायरस की वेरिएंट ऑफ कंसर्न के प्रति पॉजिटिव पाए गए थे।
आपको बता दें कि कैनेडियन ऑफिशल्स ने मार्च में जितना अधिक संभव हो पहली डोज देने की रणनीति बनाई थी। साथ ही दोनों डोज के समय अंतराल को 16 सप्ताह तक बढ़ाया गया था ताकि अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन की एक डोज अवश्य मिल जाए और कोरोनावायरस के प्रसार पर रोक लगाई जा सके।

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