नई दिल्ली,20 अगस्त। अफगानिस्तान में फंसे करीब एक हजार भारतीयों को निकालने की चुनौती सरकार के सामने है। भारत सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विभिन्न भागीदार पक्षों के संपर्क में है। अभी तक भारतीय दूतावास से जुड़े लोगों को निकाला जा चुका है, लेकिन काफी संख्या में भारतीय नागरिक अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं। सुरक्षा संबंधी क्लियरेंस मिलने के बाद भारतीय वायुसेना के विमान तुरंत काबुल के लिए रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर लगातार नागरिक संपर्क कर रहे हैं। इन सभी को निकालने के लिए भारत सरकार काम कर रही है। वायुसेना के विमान द्वारा इन सभी को लाया जा सकता है। वायुसेना का विमान अभी तक 180 नागरिकों को ला चुका है, इनमें अधिकतर दूतावास से जुड़े हुए लोग थे। सूत्रों के मुताबिक काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी और नाटो फोर्स सुरक्षित रास्ता तैयार कर रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर की इस संबंध में अमेरिकी विदेश मंत्री से बात हुई है। सरकार ने कुछ दिन पहले संसद में करीब 1500 भारतीयों के काबुल में होने की जानकारी दी थी। करीब 200 लोगों को जिनमे भारतीय दूतावास कर्मी, कुछ पत्रकार शामिल हैं उन्हें वायुसेना के विमान से लाया गया। हालांकि अलग-अलग स्रोतों से जानकारी का हवाला देकर 1600 से 2000 तक भारतीयों के काबुल में होने की आशंका जताई गई है। लेकिन सरकार ने इसकी पुष्टि नही की है। भारत सरकार विभिन्न चैनलों के द्वारा अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने का प्रयास कर रही है।



