कोलंबो ,१० मई । घनघोर आर्थिक और ऊर्जा संकट से जूझ रहे श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिन्दा राजपक्षे ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राजपक्षे ने पहले अपना पद छोडऩे से इनकार कर दिया था। श्रीलंका के स्थानीय मीडिया ने यह खबर दी है।
देश की विकट स्थिति के लिए राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे और उनके भाई महिन्दा राजपक्षे को जिम्मेदार ठहराते हुए हज़ारों नागरिकों के सड़कों पर उतरने के बाद प्रधानमंत्री ने अपना पद छोड़ा। देश के हजारों लोग राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों के खिलाफ सड़कों पर उतर आये हैं। माना जा रहा है कि विपक्ष की अंतरिम सरकार बनाने की मांग के आगे झुकते हुए राजपक्षे ने यह कदम उठाया है। भीषण विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बीच महिंदा राजपक्षे ने ट्वीट कर कहा, ‘भावनाएं उबाल पर हैं। मैं आम लोगों से संयम बरतने और यह याद रखने का आग्रह करता हूं कि हिंसा से केवल हिंसा उत्पन्न होती है। जिस आर्थिक संकट से हम जूझ रहे हैं, उसे एक ऐसे आर्थिक समाधान की जरूरत है जिसे हल करने के लिए यह प्रशासन प्रतिबद्ध है।’ उन्होंने अपने घर के बाहर इकट्ठा हुए समर्थकों से ये भी कहा कि उन्हें कोई नहीं रोक सकता। महिंदा ने कहा, ‘मुझे विरोध और आंदोलन देखने की इतनी आदत हो गई है कि मुझे कोई भी नहीं रोक सकता। मैं किसी भी स्थिति का सामना करने का काफी अनुभव रखता हूं।’



