वॉशिंगटन। कोरोना वैक्सीन को तैयार करने के लिए जरूरी कच्चे माल की सप्लाई पर अमेरिका ने रोक लगा रखी है। इस कारण कंपनियों के आगे उत्पादन का संकट बढ़ रहा है। ऐसे में रोक के सवाल पर अमेरिका ने कहा है कि हम भारत की जरूरतों को समझते हैं। जो बाइडेन प्रशासन ने भारत की गुजारिश को लेकर कहा है कि हम भारत की फार्मास्युटिकल जरूरतों को समझते हैं औैर इस मसले पर विचार करेंगे। इसके अलावा अमेरिकी सरकार ने यह भी माना है कि घरेलू कंपनियों की ओर से पहले अपने नागरिकों को प्राथमिकता दिए जाने की नीति के तहत ऐसा हुआ है। असल में अमेरिका में फाइजर और मॉडर्ना ने वैक्सीन का उत्पादन किया है और देश में तेजी से टीकाकरण का काम चल रहा है। अमेरिका में 4 जुलाई तक पूरी आबादी को टीका लगाने की तैयारी है। पिछले ही दिनों भारत में कोविशील्ड वैक्सीन तैयार करने वाले सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने जो बाइडेन से कच्चे माल के निर्यात के नियमों में ढील देने की गुजारिश की थी ताकि भारत की जरूरतों को पूरा किया जा सके। तब से ही यह उम्मीद की जा रही थी कि जो बाइडेन प्रशासन बड़ा दिल दिखाते हुए फैसला लेगा। असल में अमेरिका में एक 1950 में कानून डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट बना था, जिसमें राष्ट्रपति को घरेलू हितों की पूर्ति करने के लिए कंपनियों की ओर से तैयार सामान के निर्यात पर रोक लगाने का अधिकार देता है। बाइडन ने इसका का प्रयोग कर यह रोक लगा दी थी।



