हैदराबाद। तेलंगाना विधानसभा की 119 सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार की सुबह वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। सभी 119 सीटों पर विधानसभा सीटों के रुझान आ गए हैं। रुझानों के मुताबिक यहां टीआरएस को बहुमत मिल गया है। टीआरएस ने 80 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाई हुई है। इस बार 119 सीटों पर 1821 उम्मीदवार मैदान में हैं।
रुझानों के बाद हैदराबाद में टीआरएस के दफ्तर में जश्न शुरू हो गया है। इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) नेता और असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी तेलंगाना के चंद्रयान गुट्टा सीट से जीत गए हैं। टीआरएस के नेता तथा तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव तीसरे दौर की मतगणना में सिरसिला विधानसभा सीट पर 15,096 मतों से आगे चल रहे हैं। टीआरएस अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव के बेटे केटी रामाराव को 20,471 मत मिले हैं, वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी, कांग्रेस उम्मीदवार के महेन्द्र रेड्डी को 5,375 मत मिले हैं। तेलंगाना के गठन के बाद पहली बार सात दिसंबर को हुए चुनाव में 73.20 प्रतिशत मतदान हुआ था। इससे पहले चुनाव आंध्रप्रदेश में हुआ था। तेलंगाना का गठन आंध्रप्रदेश के एक हिस्से को काट कर किया गया। तेलंगाना में विधानसभा चुनाव 2019 के लोकसभा चुनावों के साथ होने थे। लेकिन राज्य कैबिनेट की सिफारिश पर छह सितंबर को विधानसभा भंग किए जाने के कारण वहां चुनाव अनिवार्य हो गया। रुझानों के दोपहर तक स्पष्ट होने की संभावना है। वोटों की गिनती खत्म होने के साथ ही 1,821 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला हो जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी रजत कुमार ने सोमवार को बताया था कि मतगणना के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी, उसके बाद ही ईवीएम की गिनती होगी। हालांकि कुछ एग्जिट पोल में के. चन्द्रशेखर राव नीत तेलंगाना राष्ट्र समिति को बढ़त बतायी जा रही है लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व में बने गठबंधन ‘प्रजाकुटमी’ को अपनी जीत का पक्का भरोसा है। इस गठबंधन में कांग्रेस, तेलगू देशम पार्टी, भाकपा और तेलंगाना जन समिति शामिल हैं।



