पाकिस्तान का यू-टर्न, सऊदी अरब नहीं होगा सीपीईसी का तीसरा भागीदार

इस्लामाबाद चीन-पाकिस्तान आर्थिक गालियारे (सीपीईसी) में सऊदी अरब के तीसरे रणनीतिक भागीदार होने की घोषणा के कुछ ही दिन बाद पाकिस्तान ने यू-टर्न ले लिया है। पाक सरकार ने ऐलान किया है कि सऊदी अरब अब इसका हिस्सा नहीं होगा। सीपीईसी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की महत्वाकांक्षी ‘बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव’ परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चीन इसके तहत विभिन्न ढांचागत संरचना परियोजनाओं का वित्तपोषण कर विश्व में अपना दबदबा बनाना चाहता है। पाकिस्तानी अखबार डॉन की खबर के अनुसार, वहां के योजना एवं विकास मंत्री खुसरो बख्तियार ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि सऊदी अरब का प्रस्तावित निवेश एक अलग द्विपक्षीय संधि के तहत होगा। उन्होंने कहा, ‘सऊदी अरब सीपीईसी में रणनीतिक भागीदार नहीं बनेगा। ऐसी धारणा सत्य नहीं हैं।’ बख्तियार ने कहा कि कोई भी तीसरा देश इसमें सिर्फ तभी भागीदार हो सकता है जब वह परियोजना से बाहर के निवेश व कारोबार का हिस्सा बने। उन्होंने कहा, ‘चीन और पाकिस्तान के बीच करार की रूपरेखा द्विपक्षीय है और सऊदी अरब तृतीय पक्ष निवेशक की हैसियत से इसमें शामिल नहीं हो सकता है।’ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान के सऊदी अरब के दौरे से लौटने के बाद सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने पिछले महीने कहा था कि सऊदी अरब सीपीईसी का तीसरा रणनीतिक भागीदार है। दिलचस्प यह है कि जब बख्तियार सीपीईसी में सऊदी के तीसरे रणनीतिक भागीदार नहीं होने का स्पष्टीकरण दे रहे थे, तब चौधरी उनके बगल में ही बैठे हुए थे। बख्तियार ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब जैसे किसी भी देश को सीपीईसी की रूपरेखा के दायरे में लाने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

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