इस्लामाबाद,०९ जनवरी। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में आटे की कीमत काफी बढ़ गई है। लोग इसकी खरीदारी के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होते दिख रहे हैं। आटे का स्टॉक समाप्त होने और कीमतें आसमान पर पहुंचने के कारण आम लोगों के आगे भुखमरी की नौबत आ गई है। आटे के लिए लोग एक दूसरे से झगड़ रहे हैं जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई है।
पाकिस्तान में जारी संकट के दौरान सिंध सरकार द्वारा लोगों को सब्सिडी वाले आटे की बिक्री में गड़बड़ी के कारण मीरपुरखास जिले में भगदड़ के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक मौत आयुक्त कार्यालय के पास हुई, जहां गुलिस्तान-ए-बलदिया पार्क के बाहर दो मिनी ट्रक आटा बेच रहे थे। लोग अव्यवस्थित तरीके से वाहनों के चारों ओर जमा हो गए थे। बैग हथियाने के लिए एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार ४० वर्षीय मजदूर हरसिंह कोल्ही हंगामे के दौरान सड़क पर गिर गया और आसपास के लोगों ने उसे कुचल दिया। भगदड़ किस वजह से हुई, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। कोल्ही के परिवार ने खाद्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मीरपुरखास प्रेस क्लब के बाहर पांच घंटे तक धरना दिया। पुलिस की ओर से हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद वे चले गए।
सिंध में फैली अराजकता
अभी तक घटना की प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। सिंध के सभी हिस्सों में अराजकता के ऐसे ही द्दश्य देखे गए जहां मिनी ट्रकों या वैन के माध्यम से आटा बेचा जा रहा था। एक अन्य मामले में शहीद बेनजीराबाद (पूर्व में नवाबशाह) के सकरंद कस्बे में एक आटा चक्की के बाहर सरकारी दर पर सस्ता आटा खरीदते समय भगदड़ मचने से एक नाबालिग लड़की सहित तीन महिलाएं घायल होने की सूचना है। जारी संकट के बीच गेहूं और आटे की कीमतें अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई हैं।
इस बीच बलूचिस्तान के खाद्य मंत्री जमारक अचकजई ने भी एक चौंकाने वाला रहस्योद्घाटन किया, जिसमें कहा गया कि प्रांत में गेहूं का स्टॉक ‘पूरी तरह से समाप्त’ हो गया है, और कहा कि प्रांत में कमोडिटी के लिए संकट गहरा है। इस मुद्दे पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रांतीय मंत्री ने कहा कि बलूचिस्तान को गेहूं का आवश्यक स्टॉक नहीं मिला है। उन्होंने कहा पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री से ६ लाख बोरी गेहूं भेजने का अनुरोध किया गया है।



