नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार लोकसभा चुनाव 2019 से पहले मास्टर-स्ट्रोक की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक किसानों को बदहाली से बाहर निकालने लिए कर्जमाफी के अलावा दूसरे विकल्पों पर भी सरकार काम कर रही है। इकोनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक केंद्र सरकार ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (केसीसी) के जरिए 2 लाख रुपये तक का लोन देने और प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में बड़े स्तर पर सुधार करने जा रही है।किसानों की सुविधाओं में इजाफा करने के मसले पर नीति आयोग कृषि मंत्रालय के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। साथ ही साथ कर्जमाफी की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है। एक अधिकारी ने बताया है कि सरकार कृषि क्षेत्र में ढांचागत विकास को लेकर कई स्तर पर काम कर रही है। लेकिन, लोन माफी की भी संभावना बनी है, जिस पर आखिरी फैसला राजनैतिक स्तर पर लिया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आ चुकी है कि आगामी लोकसभा चुनाव में सभी दलों का फोकस गांव-देहात और किसान रहने वाला है।
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर लोन की लिमिट बढ़ाने को लेकर भी कुछ परेशानियां बाकी हैं। दरअसल, बैंक इस बात का आश्वासन चाहते हैं कि किसान पुराने लोन को चुकाने के बाद ही नए के लिए आवेदन करें। करीब 4 करोड़ केसीसी धारकों पर 2.37 लाख करोड़ रुपये का बकाया है। 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, असम, पंजाब, मध्य प्रदेश, छ्तीसगढ़ और राजस्थान में किसानों की कर्जमाफी का ऐलान हो चुका है। इनमें से 4 राज्यों के तकरीबन 40 फीसदी से ज्यादा कर्ज माफ भी किए जा चुके हैं। ऐसे में आगमी चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार पर भी लोन माफ करने का दबाव बढ़ रहा है।



