इस्लामाबाद ,०९ मई । पाकिस्तान में गेहूं की की़मतों में भारी बढ़ोतरी की आशंका के बीच प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि वह किसी भी हाल में आटे की क़ीमत में बढ़ोतरी नहीं होने देंगे। भले ही इसके लिए अपना कपड़ा तक बेचना पड़े। ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के शांगला जिले की बिशम तहसील में पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ (पीएमएल-एन) की जनसभा को संबोधित करते हुए शरीफ़ ने प्रांत में आटे की कीमतें कम करने का संकल्प भी लिया। शरीफ़ ने घोषणा की कि वह अच्छी तरह से जानते हैं कि प्रांत में आटे की की़मतों को कैसे कम किया जाए। उन्होंने प्रांतीय सरकार को अपने ख़र्च पर आटे की कीमतों में कमी करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट के अनुसार, देश के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि २८.८९ मिलियन टन के लक्ष्य के मुकाबले गेहूं का उत्पादन २६.१७३ मिलियन टन होने का अनुमान है, जबकि अनुमानित खपत करीब ३०.७९ मिलियन टन होगी। इस कमी का कारण गेहूं की खेती के लिए ज़मीन, पानी, उर्वरक की कमी और समर्थन मूल्य की घोषणा में देरी है। साथ ही तेल की की़मतों में बढ़ोतरी और सामान्य से पहले हीटवेव का चलना भी इसकी वजह है। इन कारणों से उत्पादन में २ प्रतिशत की कमी आई है। रूस-यूक्रेन युद्ध ने भी पाकिस्तान में गेहूं की भारी कमी पैदा कर दी है।



