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अमेरिका में मानव तस्करी के आरोप में भारतीय मोटल मैनेजर को जेल

न्यूयॉर्क ,०९ दिसंबर। अमेरिकी राज्य जॉर्जिया में ७१ साल के एक भारतीय मोटल प्रबंधक को एक महिला की तस्करी करने के जुर्म में ५७ महीने जेल की सजा सुनाई गई है। भारतीय नागरिक और कानूनी तौर पर अमेरिका के स्थायी निवासी श्रीश तिवारी को ४२,६४८ डॉलर का भुगतान करने का आदेश भी दिया गया है।
न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग के सहायक अटॉर्नी जनरल क्रिस्टन क्लार्क ने कहा, मानव तस्करी कहीं भी हो सकती है। तस्कर कमजोरियों की पहचान करने में माहिर होते हैं। कमजोरी पहचान कर व्यक्ति को उम्मीद देते हैं और उनका फायदा उठाते हैं।
क्लार्क ने कहा, यह सजा और इस जघन्य श्रम तस्करी योजना से बचे लोगों के लिए सुरक्षित मुआवजा यह स्पष्ट करता है कि न्याय विभाग किसी भी व्यक्ति पर मुकदमा चलाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो अपनी सत्ता की स्थिति का खुलेआम शोषण करता है।
न्याय विभाग की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, श्रीश तिवारी ने २०२० में कार्टर्सविले में बजटेल मोटल का काम शुरू किया था
इसके तुरंत बाद, उसने पीडिता को मोटल में नौकरानी के रूप में काम पर रख लिया और उसे एक कमरा दिया, जिसमें वह रह सकती थी।
तिवारी को पता था कि पीडिता पहले ही बेघर हो चुकी है। वह नशे की लत से जूझ रही थी और अपने छोटे बच्चे की कस्टडी खो चुकी थी।
उसने पीडिता से वादा किया कि वह उसे वेतन, एक अपार्टमेंट और एक वकील प्रदान कर उसके बच्चे की कस्टडी वापस पाने में मदद करेगा।
लेकिन अपने वादों पर अमल करने के बजाय, तिवारी ने मोटल के मेहमानों और कर्मचारियों के साथ पीडिता की बातचीत पर नजर रखी और उसे उनसे बात करने से मना किया।
उसने पीडिता का अपने घरवालों से बात करना बंद करवा दिया, इसके लिए उसे बरगलाया कि उसके घरवाले उसकी परवाह नहीं करते हैं और पीडिता को कई यौन प्रस्ताव भी दिए।
दस्तावेजों में कहा गया है कि जब तिवारी को पीडिता पर गुस्सा आया, तो उसने उसे मोटल में कमरे से निकालने की धमकी दी, यह जानते हुए कि वह बेघर हो जाएगी।
इसके अलावा, जब भी वह पीडिता पर गुस्सा होता था, तो वह नशे के सेवन की जानकारी कानून प्रवर्तन या बाल कल्याण एजेंसियों को देने की भी धमकी देता था।
तिवारी ने एक दिन उसे रात में मोटल के कमरे से बाहर निकालकर अंदर से बंद कर लिया था और कहा कि अगर उसे रहना है तो शारीरिक संबंध बनाने होंगे, और ऐसा न करने पर उसे संपत्ति से हटाने की धमकी दी।
होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस (एचएसआई) अटलांटा के कार्यवाहक स्पेशल एजेंट इन चार्ज ट्रैविस पिकार्ड ने कहा, तिवारी ने पीडिता के बेघर होने के डर का इस्तेमाल कर उसके साथ गलत व्यवहार किया।
पिकार्ड ने कहा कि कानून प्रवर्तन यह सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों को जारी रखेगा कि तिवारी जैसे अपराधियों को उनकी हरकतों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।

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