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वैष्णो देवी मंदिर ओकविल में डकैती से हिंदू समुदाय में दहशत

माँ वैष्णो देवी सहित अन्य देवी देवताओं की मूर्तियों का भी किया गया अपमान

ओटावा। पचासों वर्ष से ओंटेरीयो कैनेडा में रह रहे हिंदू समुदाय ने कभी स्वप्न में भी नहीं सोचा था कि उनकी आस्था के केंद्र उनके मंदिर और देवालय यूँ अपराधियों और हिंदू विरोधी मानसिकता रखने वाले लोगों का लगातार निशाना बनेंगे और क़ानून और प्रशासन एक मज़ाक़ बन कर रह जाएगा.

अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार वैष्णो देवी मंदिर ओकविल में ११ फ़रवरी की रात को डकैती और देवी देवताओं की प्रतिमाओं को खंडित करने की कायराना हरकत को अंजाम दिया गया.
मंदिर के प्रेसिडेंट श्री केशव अग्निहोत्री के अनुसार, अपराधी पूरी तरह तैयारी के साथ आए थे. ये अपराधी मंदिर की फ़ेंस काट कर अंदर घुसे और बाद में अंदर जाकर उन्होंने सिक्योरिटी के उद्देश्य से लगाए गए टेलअस कम्पनी द्वारा इंस्टाल किए कैमरों को टर्न आफ़ किया. इन धर्म विरोधी पापियों ने मंदिर के मुख्य दान पात्र सहित अनेकों अन्य दान पात्रों में रखे भक्तों के चढ़ावे की राशि को लूटा तथा पूरे मंदिर में तोड़ – फोड़ की.

वैसे तो कैनेडियन प्रधानमंत्री जस्टिन त्रुदो और ओंटेरीयो के प्रीमियर फ़ोर्ड दोनों ही कैनेडा में बे हिसाब बढ़ते अपराधों की रोकथाम करने में असफल रहे हैं. लेकिन जब अपराधी लोगों की आस्था और विश्वास के केंद्र मंदिर, सिनिगोग, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों की सीमा में बिना किसी डर के प्रवेश कर के अपराध करें तो मामला और गम्भीर हो जाता है.
उल्लेखनीय है कि पिछले २ वर्षों से ओंटेरीयो कैनेडा में हिंदू मंदिरों पर हमले की घटनाएँ बढ़ी हैं. मेयर, पुलिस प्रशासन, राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार के तमाम दावों के बावजूद इन अपराधियों को पकड़ने में पुलिस पूरी तरह नाकाम सी नज़र आ रही है.
हिंदी टाइम्ज़ मीडिया से बात करते हुए ओकविल मंदिर के प्रेसिडेंट केशव अग्निहोत्री ने राज्य और केंद्र सरकार से सभी पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध करने की माँग की है.
हिन्दी टाइम्स मीडिया के साथ घटना के बारे में बातचीत करते हुए श्री अजय राना जी ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से कैनेडा के हिंदू समुदाय में डर और आक्रोश का माहौल है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से यथाशीघ्र इस प्रकार की घटनाओं पर लगाम लगाने की मांग की है।
हिंदू कैनेडियन फ़ेडरेशन के अरुणेश जी जिन्होंने हाल ही में २२ जनवरी को ब्रैंपटन के त्रिवेणी मंदिर से लेकर वैष्णो देवी टेम्पल होते हुए हैमिल्टन तक राम रथ यात्रा निकली थी, इस घटना से आहत नज़र आए। उन्होंने इस घटना को निंदनीय बताते हुए पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।
हिंदू समुदाय के विभिन्न लोगों ने इस घटना की भर्त्सना करते हुए दोषियों को तत्काल पकड़ने और उन्हें कड़ी सजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में इस तरह की घटनाएं इस कदर बढ़ गई है कि हिंदू समुदाय अब इस देश में अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है। नाम न छापे जाने की शर्त पर कुछ लोगों का कहना था कि सरकार की नीतियां इस प्रकार के अपराधियों को संरक्षण दे रही हैं। कुछ हिंदू विरोधी तथा भारत विरोधी मानसिकता वाले लोगों द्वारा ऐसे अपराधियों को न केवल संरक्षण दिया जा रहा है बल्कि उन्हें धन आदि देकर उकसाया भी जा रहा है।
गौरतलब है कि हिंदू समुदाय देश के सबसे अधिक आर्थिक प्रगति करने वाले समुदाय में से एक है। यह समुदाय न केवल देश के आर्थिक विकास में बहुमूल्य योगदान देता है बल्कि कानून व्यवस्था का पालन करने में भी यह समुदाय अग्रणी है। इसके बावजूद चंद लोगों की घृणित राजनीति के चलते हिंदू समुदाय अपने आप को उपेक्षित, असुरक्षित तथा पीड़ित महसूस कर रहा है। यदि पुलिस प्रशासन और सरकार ने समय रहते कुछ सार्थक कदम नहीं उठाए तो निश्चित ही इसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ेगा।

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