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माघ गुप्त नवरात्रि

प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयंब्रह्मचारिणी ।
तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डाति चतुर्थकर्थम्।।
पचंमंस्कन्दमातति षष्ठं कात्यायनीति च।
सप्तमंकालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्।।
नवमं सिद्धिदात्री च नवदर्गाु: प्रकीर्ति तर्ति: ।
उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणवै महात्मना: ।।
-दर्गाुर्गा रक्षा कवचम,दर्गाुर्गा सप्तशती

‘पहली नवदर्गाु शैलपुत्री , दूसरी ब्रह्मचारिणी, तीसरी चद्रंघंटा, और चौथी कुष्मांडा हैं। पाँचवीं स्कंदमाता, छठी कात्यायनी, सातवीं कालरात्रि , आठवीं महागौरी, और नौवीं सिद्धिदात्री हैं। यह माँ दुर्गा के नौ रूप हैं।’ प्रति वर्ष, भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में, चार नवरात्रियाँ मनाई जाती हैं जो माँ दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों की आराधना हेतु समर्पित हैं। चैत्र मास (मार्च – अप्रैल ) और शरद मास (सितंबर -अक्टूबर) में होनेवाली दो नवरात्रियाँ, प्रकट नवरात्रियां कहलाती हैं, व माघ मास (जनवरी – फ़रवरी) और आषाढ़ मास (जून – जुलाई) में होनेवाली दो नवरात्रियाँ, गुप्त नवरात्रियों के रूप में जानी जाती हैं। इन नौ दिनों में, माँ दुर्गा की प्राचीन और शक्तिशाली नव दुर्गा साधना करने का अत्यंत महत्व है। इस प्रभावशाली साधना से हमें माँ की अनुपम भक्ति और असीम कृपा प्राप्त करने में विशेष सहायता मिलती है।
आप इस साधना को पूर्ण विधि -विधान के साथ साधना ऐप पर कर सकते हैं। साधना ऐप, प्राचीन ज्ञान व शक्तिशाली पुरातन मंत्रों का डिजिटल धाम है, जिसमें उपयोगकर्ता हिंदी और अंग्रेज़ी भाषा में, विभिन्न देवी-देवताओं के १५० से अधिक अनुष्ठान कर सकते हैं। ऐप में निम्न ५ प्रकार के अनुष्ठान उपलब्ध हैं: जप, नित्य पूजा, अभिषेक,यज्ञ और साधना। ऐप ने प्राचीन परंपराओं की अखडंता को बनाए रखने की प्रतिबद्धता में यह सुनिश्चित किया है कि मंत्र और अनुष्ठान मूल रूप में, बिना किसी विरूपण के ही प्रस्तुत हों।
गुप्त नवरात्रि
साधक प्रायः आश्चर्य करते हैं कि गुप्त नवरात्रियों को गुप्त क्यों कहा जाता है। इसका कारण यह है कि गुप्त नवरात्रियों के बारे में सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जाती है चूंकि ये नवरात्रियाँ अत्यंत पावन होती हैं, और सामान्यतः गुरु और उनके शिष्यों द्वारा पूर्णतः अतंर्मुखी हो चुपचाप मनाई जाती हैं। यद्यपि , अन्य दो प्रकट नवरात्रियों के बारे में व्यापक रूप से चर्चा की जाती है, जो क्रमशः ग्रीष्मकाल (चैत्र ) और सर्दियों के आरंभ (शरद) में आती हैं। ऐसा माना जाता है कि गुप्त नवरात्रि की अवधि में देवी चेतना अपनी पराकाष्ठा पर होती है, और इस मध्य साधक जो कुछ भी प्रतिज्ञा करते हैं वह जगन्माता की कृपा से पूर्ण होता है। अतः, इस समय अधिकांश साधक और संत गुप्त नवरात्रि का पालन करते हुए अनुष्ठान और साधनाऐं करते हैं। माघ मास (जनवरी – फ़रवरी) में होने वाली नवरात्रि को माघ गुप्त नवरात्रि कहते हैं। “माघ” शब्द का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि इस अवधि में पूर्णिमा का चाँद मघा नक्षत्र के बहुत निकट होता है। संस्कृत में “माघ” शब्द का अर्थ है- “भरपूर”, “लाभकारी” एवं”सबसे महत्वपूर्ण “। वैदिक ज्योतिष में, मघा एक ऐसा नक्षत्र है जो हमारे वर्तमान जीवन व मृत्यु के पश्चात हमारी यात्रा से संबंधित है। अतः, इस महीने में की गई साधनाएं साधकों के जीवन में विभिन्न सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होती हैं।

गुप्त नवरात्रि साधना:

नौ दिनों तक चलनेवाली गुप्त नवरात्रि में की जानेवाली नवदुर्गा साधना, लगभग विलुप्त हो चुकी थी, लेकिन साधना ऐप ने इसे अज्ञातता के अंधकूप से बाहर निकालकर सभी के लाभ हेतु उपलब्ध कराया है। इस साधना में प्रति दिन एक विशेष देवी की पूजा की जाती है, जिनकी ऊर्जा प्रभात से संध्या तक आपके साथ
उपस्थित रहती है।
साधना कैसे करें?
आप १० फरवरी की संध्या को पहले दिन का जप आरंभ करें। अगली सुबह अपना प्रथम यज्ञ करने से पहले साधना का संकल्प लेते हुए अपने उद्देश्य की घोषणा करें। एक इन-ऐप प्रॉम्प्ट आपका मार्गदर्शन करेगा। इन ९ दिनों के लिए, निम्नलिखित क्रियाएँ कर आप प्रत्येक दिन की देवी का आह्वान करेंगे:

प्रातः: यज्ञ (~४० मि नट)
संध्या: जप (~१५ मि नट)
आपके लिए, इस साधना के सभी मत्रं , सामग्रियाँ, और विधि -विधानों का विस्तृत विवरण ही नहीं, अपितु ३-डी पृष्ठभूमियों में साधना करने का अनुभव भी ऐप में उपलब्ध है। यह अनुभव आपको न केवल साधना करने में सहायता करता है, बल्कि उसे और भी सार्थक बनाता है। इस ऐप में मार्गदर्शित साधना करने से किसी भी प्रकार की त्रुटि होने की संभावना शून्य हो जाती है, क्योंकि आपको न तो सामग्रियों की चिंता करनी है और न ही किसी अन्य पहलू की। आपको केवल सरल निर्देशों का अनुसरण करते हुए माँ का भक्ति पूर्ण आह्वान करना है। इन नौ दिनों के लिए, नौ देवियों की विस्तृत कथाएँ भी साधना ऐप पर उपलब्ध होंगी, जो दिव्य स्त्री ऊर्जा के अद्वितीय गुण और महत्व पर प्रकाश डालती हैं। वास्तविक पूजा बाह्य क्रियाओं से परे होती है; इसमें मानसिक और भावनात्मक स्तरों पर भगवान से एक समर्पित संबंध स्थापित होता है। साधना ऐप आतंरिक भक्ति की परिवर्तन शील शक्ति और पवित्र अनुष्ठानों के माध्यम से स्वयं के विचार और उद्देश्यों को दिशा देने के महत्व को समझता है। इस गुप्त नवरात्रि पर, अपने भीतर परिवर्तन कारी आध्यात्मिक बीज बो कर, अपने जीवन को रूपांतरण के मार्ग पर प्रतिष्ठित करें। माँ के दिव्य बीज, साधना ऐप में गूंजते मंत्रों के माध्यम से प्रकट होते हैं- उन्हें मौन रहकर अपने हृदय की उर्वरा भूमि में विकसित होने दें। उपयोगकर्ताओं को यह प्रोत्साहित किया जाता है कि वे ऐप में उपलब्ध अनुष्ठानों को एक भौतिक दिनचर्या के रूप में ही नहीं, अपितु एक विशिष्ट आध्यात्मिक उद्देश्य के रूप में जीवन में सम्मिलित करें।

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