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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की पहली उप प्रबंध निदेशक बनेंगी भारतीय मूल की गीता

December 3, 2021

टोरंटो, 3 दिसंबर। विश्व के परिदृश्य में भारतीयों तथा भारतीय मूल के लोगों का शानदार प्रदर्शन अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है। पिछले कुछ समय में भारतीय मूल के लोगों ने विश्व के जाने-माने संगठनों तथा कंपनियों में शीर्ष पदों पर पहुंचकर स्वयं को साबित किया है। इसी कड़ी में भारतीय मूल की गीता गोपीनाथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की पहली प्रबंध उपनिदेशक बनेंगी। वह मौजूदा प्रबंधक निदेशक क्रिस्टालिना जोर्जिएवा के अधीन सेवा करने वाली पहले उप प्रबंध निदेशक के रूप में ज्यॉफ्री ओकामोतो की जगह लेंगी। आईएमएफ में पहली बार ऐसा होगा जब दो महिलाएं शीर्ष पदों पर काबिज होंगी।
इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक जोर्जिएवा ने कहा कि यह देखते हुए कि महामारी ने हमारे सदस्य देशों के सामने व्यापक आर्थिक चुनौतियों के पैमाने और दायरे में वृद्धि की है, मेरा मानना है कि गीता के पास ठीक वैसी ही विशेषज्ञता है जिसकी हमें इस समय एफडीएमडी भूमिका के लिए जरूरत है।
जोर्जिएवा ने यह भी कहा कि आईएमएफ की वरिष्ठ प्रबंधन टीम की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों में कुछ बदलाव किया जा रहा है। जो विशेष रूप से एफडीएमडी निगरानी और संबंधित नीतियों का नेतृत्व करेगा। गोपीनाथ 21 जनवरी 2022 को एफडीएमडी के रूप में अपनी नई पारी शुरू करेंगी। 2019 की शुरूआत में मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में आईएमएफ में शामिल होने से पहले गोपीनाथ हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में अंतरराष्ट्रीय अध्ययन और अर्थशास्त्र के जॉन ज्वानस्ट्रा में प्रोफेसर थीं। उनका जन्म भारत में हुआ था और उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र में ऑनर्स की पढ़ाई की। उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स की पढ़ाई करने के बाद बाकी की पढ़ाई अमेरिका में जाकर की है।