मिस्र। स्वेज नहर में लगा छह दिनों का जाम आखिर खुल ही गया। नहर से कंटेनर जहाज ‘एवर गिवेन’ निकल लिया गया, लेकिन इसमें जहाज पर तैनात भारतीय 25 क्रू सदस्यों पर अब कार्रवाई होने का खतरा बढ़ गया है। सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबरें आ रही हैं कि दुर्घटना के कारणों की जांच पूरी होने तक उन्हें घर में नजरबंद रखा जा सकता है। शिपिंग उद्योग से जुड़े एक वरिष्ठ व्यक्ति ने बताया ‘चालक दल को बलि का बकरा बनाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स में नेशनल शिपिंग बोर्ड के सदस्य, कैप्टन संजय प्रहार ने बताया कि सबसे पहले यह पता लगाना होगा कि विशालकाय जहाज कैसे फंसा था। जहाज के डेटा रिकॉर्डर में बातचीत की जांच और सुनने से तथ्यों की जांच की जा सकती है और किसी को समझ में आ सकता है कि दुर्घटना का कारण क्या है। अब यदि इस जाम के कारण नुकसान का आकलन करें तो बताया जा रहा है कि हर दिन हजारों करोड़ का नुकसान हो रहा था। 23 मार्च को यह जहाज स्वेज नहर में फंस गया थ। कंपनी के सीईओ पीटर बरडोस्की ने कहा, ‘हमने उसे निकाल लिया. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे विशेषज्ञों के दल ने स्वेज नहर प्राधिकरण के सहयोग से एवर गिवेन को सफलतापूर्वक जल के बीच में दोबारा लाने में कामयाबी हासिल की है।



