म्यांमार में सेना की क्रूरता लगातार बढ़ती जा रही है। म्यांमार में मानवाधिकारों की भी हत्या हो रही है। मांडले में एक ऐसा मामला सामने आया, जो आपका दिमाग सन्न कर देगा। सेना ने बीते मंगलवार को अपने पिता की गोद में बैठी एक सात साल की बच्ची को गोली मार दी। यह बच्ची प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई कार्रवाई में मारी जाने वाली सबसे छोटी उम्र की है। इसकी हर ओर निंदा हो रही है। वहीं मानवाधिकार समूह सेव द चिल्ड्रेन ने कहा कि सेना की निर्मम कार्रवाई में मारे गए दर्जनों लोगों में 20 बच्चे भी शामिल हैं। सेना को लोगों की जिंदगी की कोई परवाह नहीं है। उधर सेना का कहना है कि उनकी कार्रवाई में अब तक 164 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। वहीं, सेना की तरफ से आरोप लगाते हुए कहा गया है कि प्रदर्शनकारी लगातार हिंसा कर रहे हैं। इसलिए बलप्रयोग करना पड़ रहा है। बता दें सेना ने मंगलवार को हुई प्रदर्शनकारियों की मौत पर दुख जताया। सेना की तरफ से कहा गया कि सैनिकों ने बच्ची के पिता को गोली मारी थी, लेकिन पिता को गोली लगने के बजाय वह उसकी गोद में बैठी बच्ची को लग गई।



