नई दिल्ली। पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना के पाक के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की खबरें आ रही हैं। मुजफ्फराबाद, बालाकोट और चकोटी में भारतीय सेना की इस कार्रवाई के पीछे की वजह भी महत्वपूर्ण है। हमारे सहयोगी अखबार इकनॉमिक टाइम्स ने पिछले साल ही एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें मुजफ्फराबाद और उसके आसपास के इलाकों में पाकिस्तान द्वारा आतंकी कैंप बसाने का दावा किया गया था। पाकिस्तान ने काफी अंदर खैबर पख्तूनख्वा तक कैंपों को बसाने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया था। ईटी में छपी खबर के अनुसार, पिछले साल ही भारतीय इंटेलिजेंस को पाक अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में आतंकी कैंप को बसाने की सूचना मिली थी। यह काम पाकिस्तानी सेना के सहयोग से हो रहा था। पीओके में आतंकी कैंपों को भारत द्वारा तबाह किए जाने के बाद पाकिस्तान ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और पीओके के शुरुआती इलाकों से आगे के इलाकों में कैंप बसाने शुरू कर दिए।
मुजफ्फराबाद से मानशेरा, झेलम और कुछ दूसरे आसपास के इलाकों में पाक समर्थित आतंकी संगठनों को बसाने का काम पाकिस्तानी आर्मी कर रही है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट का आकलन था कि इन कैंप में जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्कर ए-तैयबा जैसे संगठनों के 500 से अधिक आतंकी कैंप में ट्रेनिंग लेते हैं। भारतीय सेना के आज के जवाबी कार्रवाई में भी कई आतंकियों के मारे जाने की सूचना आ रही है।



