मुम्बई। बॉलिवुड ऐक्टर शरमन जोशी अपनी अगली फिल्म् ‘द लीस्ट ऑफ दीज: द ग्राहम स्टे न्सक स्टोृरी’ में एक पत्रकार के रोल में नजर आएंगे। यह कहानी 1999 की है जब ओडिशा में एक ऑस्ट्रेकलियन मिशनरी को कुष्ठ रोगियों के साथ जला दिया गया था। यह मिशनरी चैरिटेबल कामों के लिए थी। आरोप है कि इसके पीछे बजरंग दल का हाथ था। लोकल्सा के मुताबिक, ऐसा इसलिए हुआ क्यों्कि उन्हें लगता था कि वह अपने हिंदू मरीजों को फुसलाकर ईसाई कम्युथनिटी में कन्वेर्ट कर रहा है। स्टेऐन्स के साथ उनके दोनों बच्चेक फिलिप (10) और टिमोथी (6) की भी मृत्युन हो जाती है। यह 23 जनवरी की रात में होती है जब सभी मनोहरपुर गांव के स्टेाशन पर सो रहे होते हैं। फिल्मर के बारे में बात करते हुए शरमन ने कहा, ‘स्टे न्सज की कहानी मौजूदा वक्तन में प्रासंगिक है क्यों कि आज टॉलरेंस की जरूरत है। जो भी हुआ, वह दुखद था।’
बता दें, 2003 में बजरंग दल के ऐक्टिमविस्ट दारा सिंह को मर्डर का दोषी माना गया था और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई जाती है। हालांकि, स्टे न्सह की पत्नीं ग्लेवड्स उसे माफ कर देती हैं। उन्हेंै उम्मीद होती है कि उसे अपने किए पर पछतावा होगा और वह खुद में सुधार करेगा। ग्ले ड्स उसके बाद से भारत में ही रहने लगीं और 2004 तक उन्हों ने कुष्ठ रोगियों की सेवा की। इसके बाद वह ऑस्ट्रे्लिया लौट गईं। उसके बाद उन्हेंल पद्मश्री से सम्मा।नित किया गया। शरमन ने आगे कहा, ‘ह्यूमन इमोशन्सह पूरी दुनिया में एक जैसे हैं और उसे पर्दे पर उतारना हमेशा एक चैलेंज होता है। मैं बहुत छोटा था जब यह घटना हुई लेकिन मुझे याद है कि मुझ पर इस घटना का काफी असर हुआ और मैं सोचता था कि ऐसा क्यों हुआ। जब फिल्म पर काम शुरू हुआ तब रहस्य सुलझ पाया।’ फिल्म की शूटिंग हैदराबाद, ओडिशा और आंध्र प्रदेश की एक छोटी वैली में हुई है। अमेरिकन-इंडियन प्रॉडक्श न की इस फिल्मे का डायरेक्शैन अनीस डेनियल ने किया है जिसमें हॉलिवुड ऐक्टईर्स स्टीशफन बाल्डॉविन और शारी रिग्बी् भी नजर आएंगे।



