दिल्ली में चंद्रबाबू नायडू की मेगा बैठकें, मा के नाम मोदी पर निर्भर हमला

नई दिल्ली। सियासत भी अजीब चीज है। अब चंद्रबाबू नायडू को ही लीजिए। कल तक मोदी सरकार के साथी रहे नायडू आज बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी में लगे हुए हैं। नायडू ने न केवल बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में हैं। इसके अलावा वह 2019 की राजनीति कैसी हो, इसकी खेमेबंदी करने में जुटे हुए हैं। इस कड़ी में नायडू ने शनिवार को दिल्ली में मेगा बैठकें की हैं और नोटबंदी व माल्या-नीरव के बैंकिंग घोटाले को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है।
रविवार को सुबह जब उत्तर भारत की राजनीति, राजनेता और जनता गुनगुनी ठंड में अलसाये हुए रहे होंगे तब दक्षिण भारत की राजनीति के इस क्षत्रप के कुछ ट्वीट्स ने देश के सियासी पारे को अचानक चढ़ा दिया। नायडू ने न केवल विपक्ष के कद्दावर नेताओं के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीरें ट्वीट कीं बल्कि नश्तर की तरह चुभने वाले आरोप लगा मोदी सरकार को घेर भी लिया। सियासत के जानकार नायडू की इस कवायद को उनकी विपक्षी एकता का केंद्रबिंदु बनने की लालसा से जोड़कर देख रहे हैं ताकि 2019 में उनकी प्रासंगिकता मजबूती से बनी रहे। शनिवार को नायडू दिल्ली पहुंचे थे और रविवार सुबह उन्होंने देश की राजधानी में अपनी आमद के असल मकसद को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर साझा कर दिया। नायडू ने मोदी सरकार की दो साल पुरानी नोटबंदी की कवायद को अपने हमले का लॉन्चिंग पैड बनाते हुए ट्वीट में लिखा कि देश का हर आदमी इससे परेशान हुआ और जीएसटी ने इस क्राइसिस में इजाफा ही किया। नायडू ने आरोप लगाया कि चार सालों के दौरान कालेधन के खिलाफ लड़ाई का एक भी ईमानदार प्रयास नहीं दिखा। नायडू ने लिखा कि नोटबंदी की वजह से देश का विकास रुक गया और निवेशकों का भरोसा खत्म हो रहा है। नायडू यहीं नहीं रुके। सीरीज में किए गए कई ट्वीट्स में उन्होंने मोदी सरकार को कई फ्रंट पर घेरा। नायडू ने अगले ट्वीट में लिखा कि पिछले 4 सालों में हुए फ्रॉड बीजेपी सरकार की उपलब्धियों पर भारी हैं। उन्होंने विजय माल्या के 9000 करोड़, नीरव मोदी के 11500 करोड़, जतिन मेहता के 7000 करोड़ और नितिन संदेसारा के 5000 करोड़ रुपये के घोटालों के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों का पैसा लेकर ये इतनी आसानी से भागने में कैसे कामयाब हो गए?
आंध्र प्रदेश के सीएम और टीडीपी मुखिया चंद्रबाबू नायडू ने मोदी सरकार पर किसानों की लोन क्राइसिस पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले, महिलाओं पर हमले, सांप्रदायिक हिंसा बढ़ी है। उन्होंने देश के विपक्षी नेताओं से एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा कि देश को अराजकता की स्थिति से निकालने के लिए एकसाथ आने की जरूरत है। नायडू ने शनिवार को विपक्षी नेताओं से अपनी मुलाकात की तस्वीरें भी ट्वीट कीं। नायडू ने दिल्ली में बीएसपी सुप्रीम मायावती, जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता शरद यादव से मुलाकात की। हालांकि उन्होंने इन मुलाकातों के विवरण का खुलासा करने से उन्होंने इसे इनकार किया। ऐसा माना जा रहा है कि 2019 में संयुक्त विपक्ष को ध्यान में रखते हुए नायडू ने ये मेगा मुलाकातें की हैं।

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